शासन-प्रशासन

छत्तीसगढ़ में निलंबन और नोटिस के बाद भड़का पटवारियों का आंदोलन, आदेशों की प्रतियां जलाईं

छत्तीसगढ़ में 13 अक्टूबर से कार्य बहिष्कार कर रहे पटवारियों पर प्रशासनिक सख्ती बढ़ने के बाद टकराव गहरा गया है। पदोन्नति, वेतन विसंगति के निराकरण और गिरदावरी कार्य की व्यावहारिक अड़चनों को दूर करने की मांग कर रहे कर्मचारियों पर कई जिलों में निलंबन, सेवा व्यवधान और नोटिस की कार्रवाई की गई है। इसके जवाब में आंदोलनकारियों ने विभिन्न जिला मुख्यालयों में शासकीय आदेशों की प्रतियां जलाकर अपना रोष प्रकट किया।

जांजगीर-चांपा में प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए 141 आंदोलनकारी कर्मचारियों की सेवा में व्यवधान दर्ज किया है। इसके साथ ही राजस्व पटवारी संघ के जिलाध्यक्ष और कार्यकारी प्रांताध्यक्ष को निलंबित कर दिया गया। कार्रवाई के विरोध में उतरे छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन ने पटवारियों को अपना खुला समर्थन दिया है। संघ के जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र यादव ने आरोप लगाया कि शनिवार को नोटिस थमाने के बाद रविवार को ही निलंबन आदेश जारी कर दिया गया, जिससे स्पष्ट है कि शासन वार्ता करने के बजाय दमनकारी रास्ता अपना रहा है। फेडरेशन के जिला संयोजक विश्व नाथ सिंह परिहार के अनुसार यदि मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो संयुक्त मंच बनाकर इस संघर्ष को और तेज किया जाएगा।

धमतरी जिले में राजस्व पटवारी संघ के आह्वान पर करीब 148 कर्मचारी हड़ताल पर बने हुए हैं। वहां नगरी अनुविभागीय अधिकारी ने पांवद्वार हल्का के पटवारी चिम्मन लाल ध्रुव को निलंबित किया है, जबकि मगरलोड तहसीलदार ने बेलोरा मुख्यालय के पटवारी चैतन्य नेताम के निलंबन का आदेश निकाला है। इसके अलावा धमतरी, कुरूद, नगरी, मगरलोड, भखारा और कुकरेल क्षेत्र के पटवारियों को नोटिस जारी कर 48 घंटे के भीतर उपस्थित होकर जवाब देने का निर्देश मिला है। समय-सीमा में स्पष्टीकरण न मिलने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने बताया कि दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही के चलते पूर्व में भी निलंबन कदम उठाए गए थे।

बलरामपुर जिला मुख्यालय में भी कर्मचारियों ने दंडात्मक आदेशों की प्रतियां आग के हवाले कीं। संघ के प्रदेश प्रवक्ता विनय पांडेय ने कहा कि गिरदावरी कार्य की जमीनी मुश्किलों की ओर ध्यान आकर्षित कराने के लिए यह कदम उठाया गया था, किंतु प्रशासन ने संवाद के बदले प्रांताध्यक्ष और अन्य पदाधिकारियों के विरुद्ध निलंबन का रवैया अपनाया। उधर कोरबा जिले में हड़ताल के 21वें दिन प्रशासन ने जिलाध्यक्ष को निलंबित करते हुए 175 कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं।

स्रोत