छत्तीसगढ़ में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 1.72 लाख करोड़ रुपये का बजट प्रस्तुत, बस्तर और सरगुजा अंचल पर विशेष ध्यान

छत्तीसगढ़ विधानसभा के नए परिसर नया रायपुर अटल नगर में वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 1.72 लाख करोड़ रुपये का वार्षिक आय-व्ययक प्रस्तुत किया। राज्य गठन के समय के पांच हजार करोड़ रुपये के आरंभिक वित्तीय आकार की तुलना में यह बजट पैंतीस गुना बढ़ चुका है। शासन के अनुसार ‘संकल्प’ थीम पर आधारित इस बजट का उद्देश्य सुशासन के माध्यम से प्रदेश को विकसित स्वरूप प्रदान करना है।
बजट में जनजातीय बहुल बस्तर और सरगुजा संभाग के विकास के लिए कई घोषणाएं की गई हैं। बस्तर ओलंपिक की तर्ज पर सरगुजा ओलंपिक के आयोजन हेतु पांच-पांच करोड़ रुपये रखे गए हैं। सुदूर अबूझमाड़ और जगरगुंडा में दो नवीन एजुकेशन सिटी की स्थापना के लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा बस्तर एवं सरगुजा-जशपुर विकास प्राधिकरण के लिए 75 करोड़ रुपये, धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान हेतु 200 करोड़ रुपये तथा बैगा एवं पुजारियों की प्रोत्साहन राशि के लिए 3 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
संभाग में आंतरिक सुरक्षा और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए 1,500 बस्तर फाइटर्स के नवीन पदों के सृजन का निर्णय लिया गया है। बस्तर नेट परियोजना को 5 करोड़ रुपये और मैनपाट के पर्यटन विकास हेतु 5 करोड़ रुपये आवंटित हुए हैं। साथ ही दोनों आदिवासी संभागों में पशुपालन गतिविधियों और अतिरिक्त पोषण सहायता के लिए 15-15 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
राज्य में समग्र विकास की गति तेज करने के लिए सरकार ने पांच मिशन तय किए हैं। इनमें मुख्यमंत्री एआई मिशन, मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन, मुख्यमंत्री पर्यटन विकास मिशन, मुख्यमंत्री अधोसंरचना मिशन तथा मुख्यमंत्री स्टार्टअप एवं एनआईपीयूएन मिशन शामिल हैं। इसके तहत रायपुर स्थित मेकाहारा में आधुनिक एआई तकनीक के उपयोग के लिए 10 करोड़ रुपये दिए गए हैं।
चिकित्सा सेवाओं का विस्तार करते हुए दंतेवाड़ा, मनेंद्रगढ़, कबीरधाम, जांजगीर-चांपा और कुनकुरी में नए मेडिकल कॉलेज तथा रायपुर में एक नवीन होम्योपैथी कॉलेज स्थापित करने का प्रस्ताव है। बस्तर, सरगुजा और दंतेवाड़ा के मेडिकल कॉलेजों के संचालन हेतु 50 करोड़ रुपये तथा आयुष्मान योजना के क्रियान्वयन के लिए 1,500 करोड़ रुपये का वित्तीय आवंटन किया गया है।