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छत्तीसगढ़ में समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन हेतु डिजिटल किसान कोड और पंजीयन सूची की व्यवस्था

प्रतीकात्मक तस्वीर · फ़ोटो: Kailash Kumbhkar / Wikimedia Commons, CC BY-SA 4.0

छत्तीसगढ़ में समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन व्यवस्था को व्यवस्थित करने के लिए खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग द्वारा कृषकों को बारह अंकों का विशिष्ट पहचान कोड प्रदान किया जाता है। विभागीय दिशा-निर्देशों के अनुसार न्यूनतम समर्थन मूल्य पर अपनी उपज बेचने वाले प्रत्येक कृषक के लिए एकीकृत किसान पोर्टल पर पंजीकृत होना आवश्यक है। पंजीयन पूरा होने के उपरांत यह डिजिटल पहचान संख्या आवंटित की जाती है, जिसके आधार पर उपार्जन की समस्त प्रक्रिया संचालित होती है।

इस व्यवस्था के माध्यम से किसान घर बैठे अपनी उपज विक्रय हेतु ऑनलाइन टोकन प्राप्त कर सकते हैं। किसान कोड की मदद से काश्तकार अपने पंजीकृत रकबे की स्थिति, धान विक्रय की पात्रता, बेची गई उपज की मात्रा और उससे जुड़े भुगतान का पूरा ब्योरा डिजिटल माध्यम से जाँच सकते हैं। इसके अतिरिक्त शासन द्वारा संचालित कृषक कल्याण योजनाओं, अंतर राशि तथा बोनस भुगतान के अंतरण में भी इस पहचान संख्या का उपयोग किया जाता है।

पंजीयन सूची में अपना नाम अथवा आवंटित किसान कोड देखने के लिए खाद्य विभाग ने जनभागीदारी पोर्टल पर सुविधा उपलब्ध कराई है। इसके लिए किसानों को विभाग के आधिकारिक पोर्टल khadya.cg.nic.in पर जाना होता है। पोर्टल के मुख्य पृष्ठ पर जनभागीदारी विकल्प के भीतर धान खरीदी किसान विवरण का चयन करना होता है। इसके बाद किसान अपने संबंधित ज़िले और उपार्जन केंद्र का चयन करके समिति वार सूची देख सकते हैं।

समिति वार विवरण में कृषक अपना नाम खोजकर किसान कोड, कुल पंजीकृत रकबा और उपार्जन संबंधी प्रविष्टियों का सत्यापन कर सकते हैं। इसके अलावा मार्कफेड से जुड़े अधिकृत वेब लिंक के माध्यम से भी धान की तौल मात्रा और भुगतान की स्थिति जांची जा सकती है। शासन के अनुसार इस ऑनलाइन सुविधा का मुख्य उद्देश्य किसानों को उपार्जन केंद्रों पर लगने वाली कतारों से राहत देना और संपूर्ण खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखना है।

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