छत्तीसगढ़ में 23 प्रशासनिक अधिकारियों का तबादला, छह ज़िलों के कलेक्टर बदले

छत्तीसगढ़ शासन ने प्रशासनिक तंत्र में व्यापक बदलाव करते हुए 22 आईएएस और एक आईएफएस अधिकारी के नवीन पदस्थापना आदेश जारी किए हैं। 18 अगस्त को आए इस आदेश के तहत राज्य के छह ज़िलों में नए कलेक्टर नियुक्त किए गए हैं। इस फेरबदल के पश्चात प्रदेश के कुल 33 ज़िलों में से 12 ज़िलों में प्रशासनिक मुखिया का पदभार महिला आईएएस अधिकारियों के पास आ गया है। सक्ती, कबीरधाम और मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जैसे ज़िलों में महिला अधिकारियों को कलेक्टर पद पर पदस्थ किया गया है।
सचिवालय स्तर पर सबसे महत्वपूर्ण परिवर्तन नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग में देखा गया है। वर्ष 1999 बैच के आईएएस अधिकारी सोनमणि बोरा, जो पहले आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव का दायित्व देख रहे थे, उन्हें नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग का प्रमुख सचिव नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही उन्हें विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। वहीं नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की सचिव रहीं वर्ष 2005 बैच की आईएएस अधिकारी आर. संगीता को इस प्रभार से हटाकर मंत्रालय में सचिव के पद पर तैनात किया गया है।
ज़िला प्रशासन में वर्ष 2012 बैच के आईएएस अधिकारी रणबीर शर्मा को गरियाबंद ज़िले का नया कलेक्टर बनाया गया है। इससे पहले वे समाज कल्याण विभाग में संचालक पद पर कार्यरत थे। गरियाबंद के पूर्व कलेक्टर भगवान सिंह उइके को सामान्य प्रशासन विभाग में संयुक्त सचिव बनाया गया है। कबीरधाम के कलेक्टर गोपाल वर्मा का तबादला करते हुए उन्हें वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग में संयुक्त सचिव की ज़िम्मेदारी दी गई है।
भारतीय वन सेवा के वर्ष 2006 बैच के अधिकारी विवेक आचार्य को पर्यटन मंडल के प्रबंध संचालक पद से हटाकर उनकी सेवाएँ तत्काल प्रभाव से मूल वन विभाग को वापस सौंप दी गई हैं। लगभग तीन महीने पहले उन्हें संस्कृति विभाग के संचालक पद से स्थानांतरित कर छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड का दायित्व सौंपा गया था। ताज़ा आदेश के बाद वे तीन महीने के भीतर संस्कृति और पर्यटन दोनों ही विभागों के दायित्व से मुक्त हो गए हैं।