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छत्तीसगढ़: वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने पेश किया 1.72 लाख करोड़ रुपये का बजट, ‘संकल्प’ थीम पर केंद्रित घोषणाएं

प्रतीकात्मक तस्वीर · फ़ोटो: amarujala.com

छत्तीसगढ़ विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 1 लाख 72 हजार करोड़ रुपये का वार्षिक आय-व्ययक प्रस्तुत किया गया। राज्य के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने नया रायपुर अटल नगर स्थित नवीन विधानसभा भवन में यह बजट पेश किया। शासन के अनुसार यह विष्णुदेव साय सरकार का तीसरा बजट है, जिसे ‘संकल्प’ थीम के आधार पर तैयार किया गया है।

कृषि प्रक्षेत्र के लिए किए गए प्रावधानों के तहत कृषक उन्नति योजना के मद में 10 हजार करोड़ रुपये रखे गए हैं। इसके साथ ही कृषकों को ब्याज मुक्त ऋण सुविधा उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। कृषि पंपों के सुचारु संचालन के लिए 5500 करोड़ रुपये, मार्कफेड हेतु 6 हजार करोड़ रुपये और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए 40 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। बजट में किसानों तथा कृषि श्रमिकों के लिए दुर्घटना बीमा योजना लागू करने का प्रस्ताव रखा गया है। वहीं भूमिहीन कृषि मजदूरों और परिवारों के कल्याणार्थ 600 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।

महिला सशक्तीकरण के अंतर्गत महतारी वंदन योजना के लिए 8200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। राज्य सरकार ने बेटियों की आयु 18 वर्ष पूर्ण होने पर डेढ़ लाख रुपये की वित्तीय मदद देने और महिलाओं को भूमि क्रय करने पर 50 प्रतिशत छूट प्रदान करने का निर्णय लिया है। इसके अतिरिक्त 250 नए महतारी सदन तथा आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थापना की जाएगी।

स्वास्थ्य एवं उच्च संरचना विकास के तहत राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन हेतु 2000 करोड़ रुपये और आयुष्मान योजना के लिए 1500 करोड़ रुपये की राशि रखी गई है। रायपुर में 200 बिस्तरों की क्षमता युक्त मातृत्व एवं शिशु अस्पताल का निर्माण होगा तथा अन्य पिछड़ा वर्ग की छात्राओं के लिए 200 सीटों वाला छात्रावास बनेगा। चिरमिरी में नए जिला चिकित्सालय की स्थापना प्रस्तावित है।

औद्योगिक एवं क्षेत्रीय विकास के तहत प्रदेश में 23 नए उद्योग स्थापित करने तथा पांच प्रमुख शहरों के हवाई अड्डों पर विक्रय केंद्र खोलने की रूपरेखा बनाई गई है। बस्तर-सरगुजा क्षेत्र के विकास के अंतर्गत मटनार और देवरगांव बैराज निर्माण के लिए 2024 करोड़ रुपये तय किए गए हैं। मुख्यमंत्री आदर्श शहर समृद्धि योजना को 200 करोड़ रुपये दिए गए हैं। शासन ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता, खेल उत्कर्ष, पर्यटन विकास, अधोसंरचना तथा स्टार्टअप व निपुण मिशन नामक पांच प्रमुख मिशन शुरू करने का भी प्रस्ताव रखा है।

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