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छत्तीसगढ़ विधानसभा: वित्त वर्ष 2026-27 के बजट की रूपरेखा और विधायी कार्यक्रम तय

प्रतीकात्मक तस्वीर · फ़ोटो: amarujala.com

छत्तीसगढ़ विधानसभा के नवनिर्मित भवन में 24 फरवरी को दोपहर 12:30 बजे वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने वित्तीय वर्ष 2026-27 का वार्षिक आय-व्ययक प्रस्तुत करने का कार्यक्रम तय किया। नवा रायपुर अटल नगर स्थित इस परिसर में पहली बार राज्य सरकार का वार्षिक बजट पेश किया जा रहा है।

सचिवालय द्वारा जारी विधायी कार्यसूची के अनुसार बजट प्रस्तुति के उपरांत 26 और 27 फरवरी को आय-व्ययक पर सामान्य परिचर्चा रखी गई है। इसके पश्चात 9 से 17 मार्च तक सदन में विभिन्न विभागों की अनुदान मांगों पर क्रमवार बहस चलेगी। बजट की मांगों से जुड़े विनियोग विधेयक को 17 मार्च को पटल पर लाया जाएगा, जिस पर विचार-विमर्श और पारण की प्रक्रिया 18 मार्च को पूरी की जाएगी।

इससे पूर्व षष्ठम् विधानसभा के आठवें सत्र के आरंभ में राज्यपाल रमेन डेका ने सदन को संबोधित किया। विधानसभा परिसर पहुंचने पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, विस अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह और नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत ने राज्यपाल का स्वागत किया। राज्यपाल ने अपने वक्तव्य में रेखांकित किया कि राज्य का निर्माण पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल में हुआ था और अब प्रदेश 2047 तक विकसित इकाई बनने की दिशा में अग्रसर है। उन्होंने चालू वर्ष को महतारी गौरव वर्ष के रूप में मनाने की जानकारी दी। सदन ने अविभाजित मध्य प्रदेश विधान सभा के पूर्व सदस्य स्वर्गीय दीनदयाल सिंह पोर्ते को भी श्रद्धांजलि दी।

सत्र में उल्लेखित आंकड़ों के मुताबिक राज्य सरकार ने इस वर्ष 25 लाख 24 हजार काश्तकारों से 141.04 लाख मीट्रिक टन धान न्यूनतम समर्थन मूल्य पर क्रय किया, जिसके एवज में 33 हजार 431 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। इसके अतिरिक्त कृषक उन्नति योजना के तहत होली से पूर्व किसानों को 10 हजार 292 करोड़ रुपये हस्तांतरित करने का निर्णय लिया गया है। वहीं केंद्र की सम्मान निधि से 24 लाख 72 हजार कृषक लाभान्वित हो रहे हैं। भूमिहीन खेतिहर श्रमिकों के कल्याणार्थ संचालित योजना से 5 लाख से अधिक पंजीकृत परिवारों को 10 हजार रुपये सालाना आर्थिक सहायता दी जा रही है।

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