रायपुर : छत्तीसगढ़: श्रम विभाग की छह योजनाओं के ज़रिये 44 हज़ार से अधिक परिवारों को मिलेंगे 29 करोड़ रुपये
छत्तीसगढ़ सरकार श्रम विभाग से जुड़ी छह कल्याणकारी योजनाओं के अंतर्गत प्रदेश के 44 हज़ार से अधिक श्रमिक परिवारों को 29 करोड़ रुपये से अधिक की आर्थिक मदद देने जा रही है। विभागीय जानकारी के अनुसार, इस वित्तीय सहायता को सीधे प्रत्यक्ष लाभ अंतरण यानी डीबीटी प्रणाली के ज़रिये पात्र लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजा जाएगा।
हाल ही में श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन ने ज़िला स्तरीय विभागीय अधिकारियों की दो दिवसीय विस्तृत बैठक लेकर प्रत्येक कल्याणकारी कार्यक्रम की समीक्षा की। मंत्री ने मैदानी अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी निर्धारित योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक पात्र परिवारों तक पहुंचे और स्वीकृत राशि को हितग्राहियों के खातों में बिना किसी अनावश्यक देरी के जल्द से जल्द अंतरित किया जाए।
स्वीकृत राशि के योजनावार ब्योरे के मुताबिक, महतारी जतन योजना के तहत राज्य की 6,210 पंजीकृत महिला श्रमिकों के खातों में 20-20 हज़ार रुपये की एकमुश्त सहायता भेजी जाएगी। विभागीय प्रावधानों के अनुसार, यह वित्तीय सहायता पंजीकृत महिला निर्माण कामगारों को उनके पहले दो बच्चों के प्रसव पर प्रदान की जाती है।
शैक्षणिक सत्र के मद्देनज़र कामगारों के बच्चों की पढ़ाई से जुड़ी योजनाओं के लिए भी वित्तीय मंज़ूरी दी गई है। पंजीकृत श्रमिकों के बच्चों को किताबें, कॉपियां और गणवेश उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रदेश के 14 हज़ार परिवारों के लिए राशि स्वीकृत की गई है। इस मद में कक्षा एक से आठवीं तक के विद्यार्थियों को प्रति बच्चा एक हज़ार रुपये और कक्षा नौवीं से बारहवीं तक के छात्रों को दो-दो हज़ार रुपये की सहायता दी जाती है। इसके समानांतर, नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना के ज़रिये प्राथमिक स्तर से उच्च शिक्षा तक अध्ययनरत श्रमिक संतानों के 16 हज़ार आवेदनों को मंज़ूरी दी गई है।
असंगठित कर्मकार निर्माण श्रमिक मौत और दिव्यांग सहायता योजना के अंतर्गत कुल 124 मामलों में भुगतान की स्वीकृति दी गई है। इस कल्याणकारी योजना के तहत पंजीकृत कामगार की सामान्य मृत्यु होने पर आश्रितों को एक लाख रुपये, कार्यस्थल पर जान गंवाने पर पांच लाख रुपये तथा काम के दौरान दुर्घटना में दिव्यांग होने पर ढाई लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान करने का नियम है।