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डिजिटल क्रॉप सर्वे: मुख्य सचिव ने दिए गिरदावरी और खसरों के मौके पर सत्यापन के निर्देश

प्रतीकात्मक तस्वीर · फ़ोटो: Yawansahu / Wikimedia Commons, CC BY-SA 4.0

छत्तीसगढ़ में फसलों की वस्तुस्थिति जांचने और गिरदावरी कार्य को शत-प्रतिशत पूरा करने के लिए प्रशासन ने दिशा-निर्देश जारी किए हैं। नवा रायपुर स्थित मंत्रालय महानदी भवन में मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में डिजिटल क्रॉप सर्वे की प्रगति को लेकर समीक्षा बैठक हुई। आधिकारिक जानकारी के अनुसार बैठक में भूमि अभिलेखों को दुरुस्त रखने तथा सर्वे प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने पर विस्तार से चर्चा की गई।

मुख्य सचिव ने बैठक में कहा कि जिन भूखंडों पर बुआई हुई है, उनका डिजिटल रिकॉर्ड अनिवार्य रूप से दर्ज किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्धारित प्रक्रिया का पालन करते हुए फसल वाले रकबे का पॉलीगॉन तैयार किया जाए। संबंधित खसरों की पड़ताल कर यह पक्का किया जाएगा कि मौके पर वास्तविक रूप से फसल बोई गई है अथवा नहीं।

सर्वे की विश्वसनीयता परखने के मकसद से राज्य स्तर पर विशेष जांच दल गठित करने को कहा गया है। यह दल विभिन्न ज़िलों में पहुंचकर मौके पर भौतिक सत्यापन करेगा। शासन के अनुसार जांच के दौरान सत्यापित खसरों का ब्योरा, सही पाए गए आंकड़े और दर्ज त्रुटियों की अलग से रिपोर्ट बनेगी। मुख्य सचिव ने कहा कि अशुद्ध प्रविष्टियों को सुधारा जाए और सर्वे की आंतरिक समीक्षा भी पूरी की जाए। इसके अतिरिक्त इस डिजिटल डेटा का मिलान धान की खेती, किसान पंजीयन और धान उपार्जन के आंकड़ों से करने के निर्देश दिए गए हैं।

समीक्षा के दौरान नक्शों की उपलब्धता न होने जैसी तकनीकी बाधाओं पर भी विचार हुआ। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि नक्शों की अनुपलब्धता अथवा अन्य खामियों से काम प्रभावित नहीं होना चाहिए। राजस्व विभाग इन अड़चनों के समाधान के लिए उचित तकनीकी व्यवस्था करे और जरूरत पड़ने पर मानचित्रों को अद्यतन करने की योजना बनाए। उन्होंने अधिकारियों को कलेक्टरों के साथ बैठक कर गांवों और खेतों के रिकॉर्ड की प्रगति जांचने के निर्देश दिए।

बैठक में मुख्यमंत्री सचिवालय एवं ऊर्जा विभाग के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह तथा खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की सचिव रीना बाबा कंगाले समेत कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।

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