धर्मांतरण और नक्सलवाद पर पूर्व सरकार पर बरसे सीएम साय, दिल्ली में पीएम मोदी व शाह से की चर्चा

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने नई दिल्ली प्रवास के दौरान पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार के समय चुनावी लाभ साधने के लिए मतांतरण को खुला संरक्षण दिया गया। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि उस दौरान अवैध मतांतरण की शिकायत दर्ज कराने वालों के विरुद्ध ही पुलिस-प्रशासनिक कार्रवाई की जाती थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्तमान शासन में ऐसी गतिविधियों को पूरी तरह रोका जाएगा।
माओवादी समस्या पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 15 वर्षों के भाजपा शासन में उग्रवाद पर कड़ा प्रहार हुआ था। 2018 में सत्ता परिवर्तन के बाद उग्रवादियों को प्रोत्साहन मिला और वे कहने लगे थे कि उनकी सरकार आ गई है। अब राज्य में सत्ता बदलते ही सुरक्षा बलों ने शिकंजा कसा है, जिससे हताश होकर वे हिंसक घटनाएं कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि पुलिस प्रशासन को कड़े निर्देश दिए गए हैं, जिसके तहत हाल ही में कई नक्सलियों की गिरफ्तारी हुई है। केंद्रीय गृह मंत्रालय के साथ मिलकर राज्य सरकार इस समस्या के पूर्ण खात्मे के लिए समन्वय से कार्य कर रही है।
राजधानी में मुख्यमंत्री साय ने दोनों उप मुख्यमंत्रियों अरुण साव और विजय शर्मा के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उपराष्ट्रपति और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भेंट की। इसके बाद उन्होंने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से भी औपचारिक मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने केंद्र द्वारा छत्तीसगढ़ को 2485 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत करने और केंद्रीय पूल में 15 लाख मीट्रिक टन उसना चावल लेने के निर्णय पर आभार प्रकट किया।
प्रधानमंत्री के साथ बैठक में मुख्यमंत्री ने मंत्रिमंडल के निर्णयों तथा विधानसभा में पारित अनुपूरक बजट का ब्योरा साझा किया। उन्होंने जानकारी दी कि 1 नवंबर 2023 से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान खरीद का वादा पूरा किया गया है। इसके साथ ही सुशासन दिवस के अवसर पर 13 लाख से अधिक किसानों को 2 वर्ष का बकाया धान बोनस देने के लिए 3716 करोड़ 38 लाख रुपये वितरित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले पांच वर्षों में राज्य का विकास बाधित रहा, लेकिन अब डबल इंजन की सरकार के जरिए निर्माण और जनकल्याण के कार्यों में तेजी लाई जाएगी।