पारस पोर्टल से हर माह होगी विकास योजनाओं की समीक्षा, मुख्यमंत्री ने कलेक्टरों को दिए निर्देश

छत्तीसगढ़ में शासकीय कार्यक्रमों के अमल और निर्माण परियोजनाओं की प्रगति का पारस पोर्टल के जरिए हर माह आकलन किया जाएगा। जनसंपर्क विभाग की विज्ञप्ति के अनुसार, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिला कलेक्टरों की उच्चस्तरीय बैठक लेकर यह व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए। शासन का मानना है कि इस पोर्टल से नियमित निगरानी और विभागों के आपसी तालमेल से विकास कार्यों में तेजी लाई जा सकेगी।
समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कृषि क्षेत्र से जुड़ी तकनीकी पहलों पर विशेष जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि धान उपार्जन से जुड़े सभी वास्तविक और पात्र किसानों का एग्रीस्टैक में शत-प्रतिशत पंजीयन अनिवार्य रूप से पूरा कराया जाए। उन्होंने कहा कि पिछले सत्र में जो किसान छूट गए थे, उन्हें प्राथमिकता देते हुए यह प्रक्रिया तय समय-सीमा के भीतर पूरी की जाए। इसके अतिरिक्त जिन ज़िलों में डिजिटल क्रॉप सर्वे का कार्य धीमा है, वहाँ पटवारियों के माध्यम से सर्वे को समय पर पूरा कराने के निर्देश जारी किए गए।
बैठक में पीएम सूर्य घर योजना की स्थिति पर भी चर्चा की गई। शासन की ओर से मार्च 2027 तक तय किए गए लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए अधिक संख्या में वेंडर्स जोड़ने तथा बैंकों के जरिए हितग्राहियों को ऋण उपलब्ध कराने पर बल दिया गया। इसके साथ ही सड़क और पुल निर्माण से जुड़े विभिन्न अधोसंरचनात्मक ढाँचों की प्रगति की भी समीक्षा की गई।
दुर्ग ज़िले के कलेक्टर अभिजीत सिंह ने बैठक में पाटन-गोढ़ीपुर-अमलेश्वर मार्ग पर खारून नदी के ऊपर बन रहे उच्चस्तरीय पुल और पहुँच मार्ग के निर्माण की वस्तुस्थिति साझा की। कलेक्टर के अनुसार अमलेश्वर क्षेत्र में नौ ज़मीन मालिकों से संबंधित भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तीव्र गति से जारी है और इसे 15 अक्टूबर तक अंतिम रूप से निपटा लिया जाएगा। अधिकारियों के मुताबिक पोर्टल के जरिए निरंतर निगरानी होने से ज़मीनी स्तर पर लंबित कार्यों का त्वरित निराकरण हो सकेगा।