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बस्तर दशहरा में फूल रथ परिक्रमा शुरू, मुरिया दरबार में राष्ट्रपति मुर्मू की भागीदारी प्रस्तावित

प्रतीकात्मक तस्वीर · फ़ोटो: Raghvendra Pratap Singh / Wikimedia Commons, CC BY-SA 4.0

छत्तीसगढ़ के बस्तर ज़िले में ऐतिहासिक बस्तर दशहरा के अंतर्गत पारंपरिक फूल रथ की परिक्रमा विधिवत आरंभ हो गई है। मंगलवार रात ज़िला मुख्यालय जगदलपुर में आराध्य देवी मां दंतेश्वरी के पावन छत्र को फूलों से सुसज्जित विशाल रथ पर विराजमान कर इस धार्मिक विधान का शुभारंभ किया गया। इस रस्म के साक्षी बनने और रथ खींचने के लिए शहर में श्रद्धालुओं की उपस्थिति दर्ज की गई।

करीब 600 वर्ष पुरानी मान्यताओं के अनुसार फूल रथ की यह परिक्रमा नवरात्रि के तीसरे दिवस और जोगी बिठाई रस्म के अगले दिन शुरू की जाती है। देवी के छत्र की स्थापना के बाद विधि-विधान से पूजा-अर्चना संपन्न हुई और रथ संचालन की प्रक्रिया आगे बढ़ी। लोक परंपरा के अनुरूप रथ परिक्रमा का यह क्रम आगामी प्रमुख विधान भीतर रैनी तक निरंतर संचालित रहेगा। रथ संचालन के दौरान स्थानीय नागरिकों के साथ ही अन्य क्षेत्रों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने भी अनुष्ठानों में सहभागिता की।

बस्तर दशहरा समिति के अध्यक्ष तथा क्षेत्रीय सांसद महेश कश्यप ने इस अनुष्ठान को अंचल की लोक आस्था तथा सांस्कृतिक पहचान से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि पूर्वजों से मिली इस ऐतिहासिक परंपरा का निर्वहन नई पीढ़ी भी पूर्ण श्रद्धा और विश्वास के साथ कर रही है। सांसद ने इस दौरान मां दंतेश्वरी और मावली माता से पूरे आयोजन के शांतिपूर्ण तथा निर्विघ्न संपन्न होने की कामना की। इसके साथ ही उन्होंने प्रदेश और देश भर के नागरिकों से इस सांस्कृतिक उत्सव में शामिल होने का अनुरोध किया।

इस वर्ष पर्व को लेकर जनसामान्य में विशेष उत्सुकता देखी जा रही है, क्योंकि बस्तर दशहरा के पारंपरिक आयोजन ‘मुरिया दरबार’ में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का आगमन प्रस्तावित है। सांसद महेश कश्यप के अनुसार देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर आसीन व्यक्तित्व का यह संभावित प्रवास समूचे बस्तर क्षेत्र के लिए अत्यंत गौरवपूर्ण अवसर है। राष्ट्रपति के प्रस्तावित दौरे की चर्चा से स्थानीय स्तर पर हलचल तेज हुई है, यद्यपि उनके आगमन का विवरण अंतिम आधिकारिक कार्यक्रम जारी होने के उपरांत ही सुनिश्चित होगा।

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