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महतारी वंदन योजना: बस्तर संभाग में 15 हज़ार से अधिक और राज्यभर में 1.55 लाख नाम सूची से हटाए गए

प्रतीकात्मक तस्वीर · फ़ोटो: Ishanjyotibora / Wikimedia Commons, CC BY-SA 4.0

छत्तीसगढ़ में महतारी वंदन योजना के अंतर्गत चलाए जा रहे सत्यापन अभियान के तहत बस्तर संभाग में 15 हज़ार से अधिक हितग्राहियों के नाम सूची से हटा दिए गए हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग और समाज कल्याण विभाग के माध्यम से की गई जांच के दौरान यह कार्रवाई की गई है। विभागीय जांच में गलत कागजात, आयु संबंधी नियमों की अनदेखी, हितग्राहियों के निधन तथा दूसरे राज्यों में प्रवास जैसे कारणों के चलते अपात्र व्यक्तियों की छंटनी की गई है।

विभागीय आंकड़ों के अनुसार पूरे राज्य में अब तक 1.55 लाख से अधिक महिलाओं के नाम इस योजना की लाभार्थी सूची से अलग किए जा चुके हैं। राज्य में सबसे अधिक नाम रायपुर जिले से हटाए गए हैं, जहाँ 12,043 महिलाओं के आवेदन निरस्त हुए। इसके विपरीत बीजापुर जिले में पात्रता की जांच पूरी होने के बाद 2,597 नए पात्र आवेदकों को जोड़ा गया, जिससे वहाँ लाभार्थियों की कुल संख्या में वृद्धि दर्ज की गई है।

जांच प्रक्रिया के दौरान फर्जी दस्तावेजों के सहारे गलत तरीके से लाभ लेने के मामले भी उजागर हुए हैं। वर्ष 2024 में अभिनेत्री सनी लियोनी के नाम पर फर्जी आवेदन कर राशि हासिल करने का मामला सामने आया था। बस्तर जिले के तालुर गांव में यह राशि वीरेंद्र कुमार जोशी के बैंक खाते में स्थानांतरित की गई थी। इसके अलावा खैरागढ़ जिले के मुढ़ीपार में सीएससी संचालक तिलोक साहू ने स्वयं आवेदन कर लगभग एक वर्ष तक राशि प्राप्त की थी, जिसे सूचना के अधिकार से खुलासा होने के बाद निरस्त कर वसूली की गई। इसी प्रकार पेंड्रा निवासी कलम सिंह कंवर का फॉर्म भी अपात्र पाए जाने पर निरस्त किया गया।

शासन का दावा है कि इस नियमित समीक्षा का मुख्य उद्देश्य केवल वास्तविक एवं पात्र महिलाओं तक योजना का आर्थिक लाभ पहुंचाना और पारदर्शिता बनाए रखना है। अधिकारियों के अनुसार यदि किसी पात्र महिला का नाम मानवीय अथवा तकनीकी चूक के कारण कट गया है, तो वे निर्धारित नियमों के तहत आवश्यक कागजात प्रस्तुत कर दोबारा दावा या आवेदन पेश कर सकती हैं।

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