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बेमेतरा के आत्मानंद स्कूल में छात्राओं को मिलीं खराब साइकिलें, प्राचार्य पर कार्रवाई की तैयारी

प्रतीकात्मक तस्वीर · फ़ोटो: Domino786 / Wikimedia Commons, CC BY-SA 4.0

छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले में स्वामी आत्मानंद स्कूल की छात्राओं को सरस्वती साइकिल योजना के तहत वितरित की गईं साइकिलों की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं। सिंघोरी स्थित शासकीय स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय में 17 सितंबर को स्थानीय विधायक दीपेश साहू ने 62 छात्राओं को साइकिलें प्रदान की थीं। वितरण के तत्काल बाद कई साइकिलें तकनीकी रूप से खराब और उपयोग के अयोग्य पाई गईं।

छात्राओं ने बताया कि उपलब्ध कराई गई कई साइकिलों में पैडल, सीट, घंटी और कैरियर टूटे हुए मिले। कई वाहनों के पहियों में हवा नहीं थी तथा कुछ टायरों से हवा भरने वाले वाल्व गायब थे। छात्राओं के अनुसार साइकिलों के डगमगाने और पुर्जों के टूटे होने की वजह से वे इन्हें चलाने में असमर्थ हैं। छात्राओं ने मांग की है कि इन साइकिलों के स्तर की विस्तृत जांच कराई जाए और सभी खराबियों को दुरुस्त कराया जाए।

मामले की जानकारी मिलते ही जिला शिक्षा अधिकारी अभय जायसवाल ने नाराजगी जाहिर की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि स्कूल प्रशासन को बिना जांचे क्षतिग्रस्त साइकिलों का हैंडओवर नहीं स्वीकार करना चाहिए था। आपूर्ति लेते समय सामग्री की गुणवत्ता की पड़ताल करना अनिवार्य था। जिला शिक्षा अधिकारी ने प्राचार्य की जिम्मेदारी तय करते हुए उनके विरुद्ध आवश्यक प्रशासनिक कदम उठाने की बात कही है।

विद्यालय के प्राचार्य संजय प्रसाद पयासी ने कहा कि शासन स्तर से जो सामग्री भेजी गई थी, उसका ही वितरण छात्राओं के बीच किया गया। उन्होंने यह स्वीकार किया कि कुछ साइकिलों में गुणवत्ता से जुड़ी दिक्कतें आई हैं। प्राचार्य का कहना है कि जो वाहन क्षतिग्रस्त मिले हैं, उनकी तत्काल मरम्मत कराकर छात्राओं को उपयोग हेतु तैयार कराया जाएगा।

सिंघोरी के इस स्वामी आत्मानंद विद्यालय में पहली कक्षा से बारहवीं कक्षा तक 700 से अधिक विद्यार्थी अध्ययन करते हैं। विधायक के अनुसार इस योजना का मुख्य उद्देश्य छात्राओं को घर से स्कूल आने-जाने में सुविधा देना और उनकी शिक्षा को निरंतर बनाए रखना है।

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