भिलाई नगर निगम के बीस वार्डों में जलापूर्ति प्रभावित, टाउनशिप में बिजली संकट से लोग परेशान

दुर्ग ज़िले के अंतर्गत भिलाई नगर निगम क्षेत्र और भिलाई इस्पात संयंत्र के टाउनशिप इलाके में मूलभूत नागरिक सुविधाओं की व्यवस्था चरमरा गई। 77 एमएलडी क्षमता वाले फिल्टर प्लांट के पाइप वाल्व में तकनीकी खराबी आने की वजह से नगर निगम सीमा के लगभग बीस वार्डों में सुबह की नियमित जलापूर्ति पूरी तरह बाधित रही। दूसरी तरफ टाउनशिप क्षेत्र में विद्युत तारों का कंडक्टर टूटने के कारण करीब बारह घंटे तक बिजली आपूर्ति ठप रही और अगले दिन भी दो घंटे से अधिक समय तक बिजली की कटौती जारी रही।
संयंत्र के पाइप वाल्व में आई खराबी के चलते छावनी, खुर्सीपार, कैम्प, वैशाली नगर, चंद्रा मौर्या, हाउसिंग बोर्ड और मदर टेरेसा नगर जैसे घनी आबादी वाले मोहल्लों में पानी का गंभीर संकट खड़ा हो गया। वार्ड क्रमांक 26 के रामनगर मुक्तिधाम क्षेत्र, परियापारा, शिवाजी चौक और चांदनी चौक सहित आस-पास की गलियों में निवासियों को पीने के पानी के लिए परेशान होना पड़ा। निगम प्रशासन द्वारा पाइपलाइन की मरम्मत के उपरांत देर शाम तक आपूर्ति बहाल करने का दावा किया गया।
बटालियन के सामने वाल्व फटने की घटना से पहले 77 एमएलडी प्लांट से संबंधित नेहरू नगर, सुपेला और राधिका नगर की टंकियों को भर लिया गया था, जिससे इन क्षेत्रों में सुबह पानी मिल सका। इसके अलावा 66 एमएलडी प्लांट से जुड़े रुआबांधा, रिसाली, मरोदा और नेवई इलाकों में भी पेयजल वितरण सामान्य रहा।
नियमों के अनुसार ग्रीष्म ऋतु के आगमन से पूर्व जनवरी और फरवरी माह में जलशोधन संयंत्रों का वार्षिक संधारण कार्य पूरा किया जाना चाहिए था। निगम प्रशासन ने इस प्रक्रिया को विलंब से अप्रैल में आरंभ किया, जिसे 25 अप्रैल तक पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है। इस संधारण के तहत 77 और 66 एमएलडी फिल्टर प्लांट की प्रयोगशालाओं के लिए आवश्यक रसायन, ई-कोलिफार्म बैक्टीरिया परीक्षण उपकरण तथा क्लोरीन गैस सिलेंडर रिफिलिंग की व्यवस्था की जा रही है। विद्युत अव्यवस्था पर भिलाई इस्पात संयंत्र प्रबंधन ने समय पर आवश्यक मेंटेनेंस कराने की बात कही है।