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भिलाई में मेंटेनेंस में देरी से गहराया संकट, बीस वार्डों में जलापूर्ति बाधित और टाउनशिप में बिजली गुल

प्रतीकात्मक तस्वीर · फ़ोटो: Mettle30 / Wikimedia Commons, CC BY-SA 4.0

दुर्ग ज़िले के भिलाई नगर निगम और टाउनशिप क्षेत्र में गर्मी से पहले आवश्यक रखरखाव न होने से नागरिक परेशान हैं। 77 एमएलडी क्षमता वाले फिल्टर प्लांट के पाइप वाल्व में तकनीकी खराबी आने से निगम क्षेत्र के करीब बीस वार्डों में सुबह के वक्त जलापूर्ति ठप रही। वहीं दूसरी ओर टाउनशिप इलाके में बिजली का कंडक्टर टूटने के कारण बारह घंटे से अधिक समय तक विद्युत व्यवस्था ठप रही।

बटालियन के सामने मुख्य पाइपलाइन का वाल्व फटने से पहले नेहरू नगर, सुपेला और राधिका नगर की पानी टंकियों को भर लिया गया था। इस वजह से इन इलाकों में सुबह नियमित पानी मिल सका। हालांकि इस संयंत्र से जुड़े छावनी, वैशाली नगर, खुर्सीपार, कैम्प, चंद्रा मौर्या, हाउसिंग बोर्ड और मदर टेरेसा नगर जैसे क्षेत्रों में जल संकट की स्थिति बनी रही। वार्ड क्रमांक 26 रामनगर मुक्तिधाम क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले परियापारा, शिवाजी चौक और चांदनी चौक में भी लोगों को पेयजल नहीं मिल सका। दूसरी तरफ 66 एमएलडी प्लांट से जुड़े रुआबांधा, रिसाली, मरोदा और नेवई क्षेत्र में सामान्य जलापूर्ति की गई।

नियमों के मुताबिक गर्मी के मौसम से पहले जनवरी और फरवरी में ही जल आपूर्ति व्यवस्था का संधारण कार्य पूरा किया जाना चाहिए था। इस बार प्रशासनिक स्तर पर यह प्रक्रिया अप्रैल में शुरू की गई है। इस कार्य योजना के तहत 77 और 66 एमएलडी फिल्टर प्लांट की प्रयोगशालाओं के लिए रासायनिक सामग्री और उपकरणों की खरीद की जानी है। साथ ही क्लोरीन गैस की रिफिलिंग और ई-कोलिफार्म बैक्टीरिया परीक्षण उपकरणों की स्थापना का कार्य 25 अप्रैल तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

इधर भिलाई इस्पात संयंत्र प्रबंधन ने समय पर रखरखाव कराने की बात कही है। इसके बावजूद टाउनशिप के विभिन्न सेक्टरों में लगातार दूसरे दिन भी विद्युत आपूर्ति प्रभावित रही। बिजली तारों का कंडक्टर टूटने से क्षेत्र में लंबे समय तक अंधेरा छाया रहा, जिससे लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

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