भिलाई में संयंत्र के वाल्व में खराबी से बीस वार्डों में जलापूर्ति ठप, टाउनशिप में बारह घंटे बिजली बंद

दुर्ग ज़िले के अंतर्गत भिलाई नगर निगम क्षेत्र और टाउनशिप इलाके में तकनीकी गड़बड़ियों के चलते नागरिक सुविधाओं पर असर पड़ा है। 77 एमएलडी क्षमता वाले फिल्टर प्लांट के पाइप वाल्व में खराबी आ जाने से निगम के लगभग बीस वार्डों में गुरुवार सुबह पेयजल आपूर्ति ठप रही। वहीं टाउनशिप में कंडक्टर टूटने की वजह से बुधवार को बारह घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रही।
प्राप्त विवरण के अनुसार, बुधवार शाम बटालियन के सामने 77 एमएलडी संयंत्र से जुड़े पाइप का वाल्व फट गया। इस तकनीकी खराबी से कैम्प, छावनी, खुर्सीपार, वैशाली नगर, चंद्रा मौर्या, मदर टेरेसा नगर और हाउसिंग बोर्ड जैसे घनी आबादी वाले मोहल्लों में पानी का वितरण नहीं हो सका। वार्ड क्रमांक 26 रामनगर मुक्तिधाम के तहत आने वाले परियापारा, शिवाजी चौक और चांदनी चौक समेत आसपास की गलियों में भी लोगों को किल्लत झेलनी पड़ी। हालांकि वाल्व फटने से पहले 77 एमएलडी से जुड़ी नेहरू नगर, सुपेला और राधिका नगर की टंकियों में पानी भर चुका था, जिससे वहां सुबह जलापूर्ति संभव हो सकी। इसके अलावा 66 एमएलडी प्लांट से जुड़े रुआबांधा, रिसाली, मरोदा तथा नेवई इलाकों में वितरण सामान्य रहा।
पेयजल संयंत्रों का पूर्व-संधारण कार्य सामान्यतः जनवरी और फरवरी के महीनों में पूरा होना निर्धारित रहता है। निगम प्रशासन की ओर से यह तकनीकी काम अप्रैल माह में प्रारंभ किया गया। तय योजना के तहत 77 व 66 एमएलडी फिल्टर प्लांट की प्रयोगशालाओं के लिए रसायन व नए उपकरण खरीदे जाने हैं। इसके अतिरिक्त क्लोरीन गैस की रिफिलिंग और प्रयोगशाला में ई-कोलिफार्म बैक्टीरिया जांचने वाले यंत्र लगाने का लक्ष्य 25 अप्रैल तक निर्धारित किया गया है।
दूसरी तरफ टाउनशिप क्षेत्र में भी संधारण कार्यों की कमी के चलते लगातार दूसरे दिन विद्युत प्रवाह प्रभावित हुआ। संयंत्र प्रबंधन के अनुसार विद्युत तार का कंडक्टर टूटने के कारण बुधवार को बारह घंटे तक बिजली बंद रही, जिसके बाद सुधार कार्य किया गया। निगम प्रशासन ने दावा किया कि लाइन की मरम्मत के उपरांत देर शाम तक प्रभावित इलाकों में जलापूर्ति बहाल करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई।