रायपुर : मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना: निःशुल्क प्रशिक्षण और रोजगार के आधिकारिक आंकड़े

छत्तीसगढ़ में युवाओं को आजीविका और आत्मनिर्भरता से जोड़ने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के तहत निःशुल्क कौशल प्रशिक्षण की व्यवस्था संचालित की जा रही है। जनसंपर्क विभाग द्वारा जारी सूचनाओं के अनुसार, इस पहल का मुख्य मकसद स्थानीय युवक-युवतियों को उनकी रुचि के आधार पर तकनीकी व व्यावहारिक रूप से सक्षम बनाना है, जिससे वे बाजार की जरूरतों के अनुरूप कार्य हासिल कर सकें।
शासकीय विवरण के मुताबिक, यह पूरा कार्यक्रम छत्तीसगढ़ राज्य कौशल विकास प्राधिकरण के अधीन कार्यान्वित किया जाता है। योजना का संचालन इस तरह तय किया गया है कि शिक्षार्थी विभिन्न विधाओं में दक्षता हासिल करने के बाद सरकारी प्रतिष्ठानों, निजी संस्थानों में नियोजन तलाश सकें अथवा स्वतंत्र रूप से स्वयं का कारोबार आरंभ कर सकें। शासन का दावा है कि इस व्यवस्था के जरिए ग्रामीण तथा आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि के युवाओं को अपने कौशल को निखारने का सीधा अवसर उपलब्ध कराया जाता है।
विभागीय अभिलेखों में दर्ज आंकड़ों के अनुसार, इस योजना के अंतर्गत 4 लाख 68 हजार 184 युवाओं को विभिन्न क्षेत्रों में प्रशिक्षित किया जा चुका था। प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले इन अभ्यर्थियों में से 2 लाख 55 हजार 678 युवाओं को नियोजन अथवा आजीविका के अवसरों से जोड़ा गया। इसके अलावा, संबंधित विवरण दर्ज किए जाने के समय 2 हजार 726 शिक्षार्थी केंद्रों में अपना प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे थे।
गुणवत्तापूर्ण तथा रोजगारपरक प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के संदर्भ में इस योजना को राष्ट्रीय स्तर पर स्कॉच सिल्वर अवार्ड-2022 से भी सम्मानित किया गया था। उस दौरान तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और उच्च शिक्षा एवं कौशल विकास मंत्री उमेश पटेल ने कौशल विकास प्राधिकरण की इस उपलब्धि पर बधाई दी थी।
जनसंपर्क विभाग के अनुसार, युवाओं को रोजगारोन्मुखी बनाने की यह प्रक्रिया राज्य में निरंतर जारी है। प्रशासन का कहना है कि निःशुल्क कौशल संवर्धन से प्रतिभागियों को सीधे तौर पर आर्थिक स्वावलंबन की दिशा में आगे बढ़ने में मदद मिलती है।