खेलरायपुर

मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन की समीक्षा, बिलासपुर खेल केंद्र के विस्तार का निर्देश

प्रतीकात्मक तस्वीर · फ़ोटो: MohitSingh / Wikimedia Commons (CC BY-SA 3.0)

छत्तीसगढ़ में जमीनी स्तर के होनहार खिलाड़ियों को तराशने के लिए बिलासपुर स्थित खेल केंद्र की क्षमता बढ़ाई जाएगी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक के दौरान मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को यह निर्देश दिए। समीक्षा के दौरान प्राथमिक स्तर से लेकर अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं तक खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने के लिए एक स्पष्ट कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए।

समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के गांवों, जनजातीय अंचलों और दूरस्थ क्षेत्रों में खेल प्रतिभाएं व्यापक रूप से मौजूद हैं। स्थानीय स्तर पर युवाओं का कबड्डी और तीरंदाजी जैसे खेलों से स्वाभाविक जुड़ाव देखा जाता है। उन्होंने जोर दिया कि ऐसी क्षमताओं की तलाश केवल बड़े शहरों या स्थापित खेल अकादमियों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। कम उम्र में ही इन खिलाड़ियों की पहचान कर उन्हें वैज्ञानिक प्रशिक्षण, समुचित संसाधन और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जानी चाहिए, जिससे वे राष्ट्रीय और वैश्विक प्रतियोगिताओं में राज्य का नाम रोशन कर सकें।

मुख्यमंत्री ने प्रदेश की उभरती खिलाड़ियों ज्ञानेश्वरी यादव और संजू देवी की सफलताओं का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इन उपलब्धियों से यह सिद्ध होता है कि छत्तीसगढ़ के युवा बड़े खेल आयोजनों में बेहतरीन प्रदर्शन करने में पूरी तरह सक्षम हैं। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि मिशन का प्रारूप ऐसा बने, जिसमें प्रारंभिक पहचान से लेकर उच्च प्रदर्शन वाले एथलीट के रूप में उभरने तक विशेषज्ञ मार्गदर्शन और व्यवस्थित प्रशिक्षण की सुविधा खिलाड़ियों को लगातार मिलती रहे।

बैठक में विद्यालयों के स्तर पर खेल संस्कृति को दोबारा मजबूत करने पर भी बल दिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि बदलती दिनचर्या के चलते खेल मैदानों से कम होते जुड़ाव को दूर करने के लिए शालाओं में पदस्थ व्यायाम शिक्षकों के जरिए खेलकूद गतिविधियों को नियमित रूप से संचालित किया जाना चाहिए। उनका कहना था कि राज्य का कोई भी प्रतिभावान खिलाड़ी केवल बुनियादी सुविधाओं अथवा अवसरों के अभाव के चलते पीछे नहीं छूटना चाहिए।

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