दुर्ग ज़िले की ग्यारह ग्राम पंचायतों में आवास, रोज़गार और जल संरक्षण कार्यों की समीक्षा

दुर्ग ज़िले में शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन और प्रगति की समीक्षा के लिए विशेष अभियान संचालित किया गया। इसके अंतर्गत चावल महोत्सव के साथ रोज़गार दिवस और आवास दिवस का आयोजन हुआ। इस दौरान दुर्ग, धमधा और पाटन विकासखंड की ग्यारह ग्राम पंचायतों में विभिन्न विकास योजनाओं की अद्यतन स्थिति परखी गई। इस प्रक्रिया में ग्रामीणों को आजीविका, जल संरक्षण, आवास और रोज़गार से जुड़े प्रावधानों की जानकारी प्रदान की गई और लंबित मामलों के समाधान पर ज़ोर दिया गया।
प्रशासनिक स्तर पर कलेक्टर अभिजीत सिंह के मार्गदर्शन में पंचायत स्तर पर स्वीकृत आवास निर्माण कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण करने के निर्देश जारी किए गए। इसके साथ ही हितग्राहियों के खातों में नियमानुसार राशि का त्वरित अंतरण करने, भुगतान की स्थिति स्पष्ट करने तथा निर्माण कार्यों की जियो-टैगिंग निर्धारित समय-सीमा में पूरी करने पर बल दिया गया। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी बजरंग कुमार दुबे के अनुसार विकास कार्यों में पारदर्शिता, गुणवत्ता और समयबद्धता का पालन सुनिश्चित करते हुए पात्र व्यक्तियों तक शासकीय योजनाओं का लाभ पहुँचाना मुख्य उद्देश्य है। इसके अतिरिक्त बालिका शौचालय निर्माण, स्व-सहायता समूहों की आजीविका संवर्धन, डबरी-नवा तरिया निर्माण और रेन वाटर हार्वेस्टिंग से संबंधित पंचायतवार कार्ययोजनाओं पर भी विमर्श किया गया।
इस अभियान के तहत जनपद पंचायत दुर्ग की अंजोरा, घनोरा और पुराई ग्राम पंचायतों में कार्यक्रम आयोजित किए गए। इसी क्रम में जनपद पंचायत धमधा की मोहलाई, दनिया और अचानकपुरी ग्राम पंचायतों तथा जनपद पंचायत पाटन की छाटा, फुण्डा, बटेना, पहडोर और निपानी ग्राम पंचायतों में विशेष बैठकों का संचालन हुआ। इन ग्राम पंचायतों में ग्रामीणों के साथ योजनाओं की प्रगति, अनिर्णीत प्रकरणों और आगामी रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा की गई। पंचायतों में स्वीकृत आवासों के निर्माण को शीघ्रता से पूरा कराने के लिए कार्ययोजना तैयार करने और संबंधित हितग्राहियों को वित्तीय भुगतान की जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
दूसरी ओर, रायपुर में जनसंपर्क विभाग के अनुसार मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नगरीय क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं और विकास परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए नागरिक सुविधाओं में तेज़ी लाने पर ज़ोर दिया है।