योजनारायपुर

रायपुर : मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना की अंतिम तिथि 31 दिसंबर तक बढ़ाई गई

प्रतीकात्मक तस्वीर · फ़ोटो: patrika.com

छत्तीसगढ़ शासन के जनसंपर्क विभाग द्वारा जारी आधिकारिक सूचना के अनुसार मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना की अंतिम तिथि को आगे बढ़ा दिया गया है। विभागीय जानकारी के मुताबिक इस योजना की समय-सीमा अब 31 दिसंबर तक निर्धारित की गई है। प्रशासनिक स्तर पर जारी शीर्षक सूचना में इस विस्तार की पुष्टि की गई है, हालांकि विस्तृत दिशा-निर्देशों या नियमों को लेकर अतिरिक्त ब्योरा पृथक से साझा किया जाना शेष है।

इधर बिलासपुर ज़िले में किसानों ने विभिन्न कृषि और आर्थिक मुद्दों को लेकर प्रशासन के समक्ष अपनी माँगें रखी हैं। भारतीय किसान संघ के बैनर तले आयोजित प्रदेशव्यापी कार्यक्रम के तहत ज़िले भर की 12 तहसीलों से आए किसानों और महिलाओं ने रैली निकाली। इसके बाद किसान प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री के नाम ज़िला कलेक्टर को एक 12 सूत्रीय ज्ञापन प्रस्तुत किया।

ज्ञापन के माध्यम से किसान संघ ने राज्य में समर्थन मूल्य की वृद्धि के आधार पर 3358 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान उपार्जन करने का आग्रह किया है। संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि पिछले तीन वर्षों में केंद्र सरकार द्वारा समर्थन मूल्य में की गई 258 रुपये की बढ़ोतरी का लाभ कृषकों को सुनिश्चित कराया जाए। इसके अतिरिक्त पूर्ववर्ती शासनकाल की धान खरीदी से जुड़े 1700 करोड़ रुपये के चौथे किस्त के बकाये का त्वरित भुगतान करने की बात भी उठाई गई है।

किसानों ने प्रशासन से धान उपार्जन की अवधि 15 नवंबर से 15 फरवरी तक तय करने की माँग की है। तौल व्यवस्था में पारदर्शिता के लिए प्रति तौल अधिकतम सीमा 40 किलो 700 ग्राम निश्चित करने और इसे दीवारों पर अंकित कराने का प्रस्ताव रखा गया है। साथ ही छोटे किसानों को 2, मध्यम किसानों को 3 और बड़े किसानों को 5 टोकन देने की व्यवस्था लागू करने की माँग भी ज्ञापन में शामिल है।

ज्ञापन में गोवंश के संरक्षण के लिए गौ वंदन योजना को जीरामजी योजना से संबद्ध करने और देखरेख हेतु 50 रुपये प्रति माह देने का उल्लेख है। इसके अलावा अरपा-भैंसाझार परियोजना के पूर्ण कार्य, बिजली विभाग के निजीकरण पर रोक तथा भूमि अधिग्रहण से जुड़े शोध संस्थान के दिशानिर्देशों को क्रियान्वित करने का अनुरोध शासन से किया गया है।

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