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रायपुर के बारह स्वामी आत्मानंद स्कूलों को केंद्र ने दी पीएम-श्री योजना में शामिल करने की मंजूरी

प्रतीकात्मक तस्वीर · फ़ोटो: patrika.com

केंद्र सरकार ने रायपुर ज़िले में संचालित बारह स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट स्कूलों को प्रधानमंत्री स्कूल फॉर राइजिंग इंडिया यानी पीएम-श्री योजना के तहत विकसित करने की स्वीकृति दे दी है। समग्र शिक्षा अभियान की ओर से भेजे गए प्रस्ताव पर केंद्र ने यह निर्णय लिया है। योजना में शामिल होने के बाद इन चयनित विद्यालयों में आधुनिक शैक्षणिक और तकनीकी सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

योजना के प्रावधानों के तहत इन संस्थानों में विद्यार्थियों के लिए अटल टिंकरिंग लैब, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, वर्चुअल रियलिटी तथा रोबोटिक्स तकनीक के माध्यम से अध्यापन की व्यवस्था की जाएगी। इसके अतिरिक्त परिसरों को हरित विद्यालय के रूप में संवारा जाएगा, जहां सौर ऊर्जा संयंत्र और सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी आधारित स्मार्ट कक्षाओं का प्रबंध रहेगा। खेलकूद की गतिविधियों के लिए इनडोर परिसरों का विकास, विद्यार्थियों के लिए करियर परामर्श और शैक्षणिक भ्रमण की रूपरेखा भी तैयार की जाएगी।

चयनित संस्थानों में चार उच्चतर माध्यमिक और आठ प्राथमिक शालाएं शामिल हैं। उच्चतर माध्यमिक वर्ग में आमापारा का आरडी तिवारी स्कूल, चंदखुरी का अनंत राम बारछिहा स्कूल, कुंरा तथा माना कैंप स्थित स्वामी आत्मानंद स्कूल शामिल किए गए हैं। प्राथमिक स्तर पर अभनपुर, खोपरा, गोबरा नवापारा, सारागांव, नेवरा, बीरगांव के अलावा आरंग स्थित अरुंधती देवी स्कूल और खरोरा स्थित भरत देवांगन स्कूल को इस सूची में जगह मिली है।

राज्य में पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल के दौरान रायपुर के तैंतीस सरकारी विद्यालयों का नामकरण स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम स्कूल के तौर पर किया गया था। इनमें से तीन विद्यालय हिंदी, तीन अंग्रेजी तथा शेष दोनों माध्यमों में संचालित किए जा रहे हैं। इन संस्थाओं का पूर्व प्रशासनिक ढांचा बदलकर संचालन की ज़िम्मेदारी ज़िला कलेक्टरों की अध्यक्षता वाली समितियों को सौंपी गई थी। रिक्त पदों को भरने के लिए अन्य शासकीय विद्यालयों से प्रतिनियुक्ति और संविदा नियुक्तियां की गई थीं, जिनके वेतन भुगतान का जिम्मा कलेक्टरों के अधीन रखा गया था।

वर्तमान में कई आत्मानंद स्कूलों में शिक्षकों की कमी तथा विद्यार्थियों के लिए बैठने की माकूल व्यवस्था न होने की समस्याएं सामने आती रही हैं। अब पीएम-श्री के तहत चयन होने से इन बारह विद्यालयों के छात्रों को उन्नत अधोसंरचना मिलने की उम्मीद है।

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