रायपुर जलमग्न, भारी बारिश का अलर्ट; गरियाबंद में दो बच्चों की डूबने से मौत

मौसम विभाग ने छत्तीसगढ़ में भारी वर्षा की चेतावनी जारी की है। etvbharat.com के अनुसार विभाग ने रेड अलर्ट घोषित किया है, 48 घंटे का अलर्ट जारी है और 10 ज़िलों में बादलों का डेरा बना हुआ है। कांकेर में जलभराव की स्थिति गंभीर बताई गई है। रायपुर में रात भर हुई मूसलाधार वर्षा के चलते अनेक मोहल्लों की सड़कें डूब गईं और रिहायशी मकानों में पानी घुस गया। अधिकारियों के अनुसार आने वाले दिनों में वर्षा और तेज़ होने की आशंका है, इसलिए निचले इलाकों के निवासियों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
इन्हीं हालात के बीच गरियाबंद ज़िले से एक दर्दनाक खबर आई है। दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार घर के बाहर खेल रहे एक भाई-बहन करीब 10 फीट गहरे घुरवा गड्ढे में जा गिरे, जिससे दोनों की डूबकर मृत्यु हो गई।
दुर्ग ज़िले में एक परिवार के चार सदस्यों की सिलेंडर विस्फोट से भड़की आग में जान चली गई। इसके अलावा जांजगीर में तरबूज खाने के बाद एक 15 वर्षीय लड़के की मौत हुई और तीन अन्य बच्चे बीमार पड़ गए। ये दोनों घटनाएँ indiatvnews.com ने रिपोर्ट की हैं।
बस्तर में सुरक्षाबलों के खदान-निष्क्रियकरण अभियान के दौरान IED विस्फोट में डिस्ट्रिक्ट रिज़र्व गार्ड के तीन जवान शहीद हो गए और एक घायल हुआ। इसी क्षेत्र में 108 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया, जिन पर कुल 3.95 करोड़ रुपये का इनाम घोषित था और उनके पास से हथियार भी ज़ब्त किए गए। indiatvnews.com के अनुसार केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दावा किया है कि 'नक्सल-मुक्त बस्तर' का लक्ष्य हासिल कर लिया गया है और इसका श्रेय उन्होंने सुरक्षाबलों के समन्वित अभियान को दिया।
खनन के मोर्चे पर indiatoday.in की रिपोर्ट के अनुसार छत्तीसगढ़ में अन्वेषण के दौरान 1.22 कैरेट के पाँच हीरे मिले थे। इसके बाद राज्य सरकार ने उन्नत ड्रिलिंग को मंजूरी दे दी है, जो हीरा खनन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
फिलहाल प्रशासन का ध्यान बाढ़ जैसी स्थिति से निपटने पर केंद्रित है। मौसम विभाग की चेतावनी के मद्देनज़र नागरिकों से अपील की गई है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें और निचले इलाके खाली करने में प्रशासन का सहयोग करें।