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रायपुर में सितंबर के त्योहारों पर सात दिन मांस बिक्री पर रोक, राज्य में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर शुष्क दिवस

प्रतीकात्मक तस्वीर · फ़ोटो: lalluram.com

रायपुर नगर निगम क्षेत्र में सितंबर महीने में पड़ने वाले विभिन्न धार्मिक पर्वों के दौरान कुल सात दिनों तक पशुवध और मांस-मटन की बिक्री पर पूरी तरह रोक रहेगी। नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग ने राज्य शासन के दिशा-निर्देशों के तहत यह आदेश जारी किया है। यह व्यवस्था 4 सितंबर से शुरू होकर 26 सितंबर तक अलग-अलग निर्धारित तिथियों पर प्रभावी रहेगी। इस अवधि में शहर के सभी अधिकृत पशुवध गृह और खुदरा मांस दुकानें अनिवार्य रूप से बंद रखी जाएंगी।

प्रशासनिक व्यवस्था के अनुसार, नगर निगम के सभी जोन स्वास्थ्य अधिकारियों और स्वच्छता निरीक्षकों को अपने प्रभार वाले क्षेत्रों में इस प्रतिबंध का कड़ाई से पालन कराने का जिम्मा सौंपा गया है। निगम की टीमें मांस-मटन की सामान्य दुकानों के अलावा शहर के होटलों, रेस्टोरेंटों और अन्य स्थानों पर भी निरंतर निगरानी रखेंगी। यदि किसी होटल अथवा अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान में चोरी-छिपे मांस का विक्रय अथवा भंडारण पाया जाता है, तो टीम सामग्री को तुरंत जब्त करेगी और संबंधित व्यक्ति अथवा संस्था के विरुद्ध नियमानुसार कानूनी कार्रवाई करेगी।

महापौर मीनल चौबे के निर्देश पर मैदानी अमले को विशेष सतर्कता बरतने के लिए पाबंद किया गया है। दूसरी ओर, श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर 4 सितंबर को पूरे छत्तीसगढ़ में शुष्क दिवस रहेगा। राज्य शासन के वाणिज्यिक कर आबकारी विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी किया है। शुष्क दिवस के दौरान प्रदेश भर में देशी और विदेशी मदिरा की सभी खुदरा दुकानें, होटल-बार, रेस्टोरेंट बार, क्लब, अहाते तथा अन्य लाइसेंसी परिसर बंद रहेंगे। इसके साथ ही भांग और भांगघोटा की दुकानों पर भी बिक्री प्रतिबंधित रहेगी।

आबकारी विभाग के अनुसार, शुष्क दिवस पर किसी भी गैर-लाइसेंसी स्थान पर मदिरा रखने या व्यक्तिगत रूप से भंडारण करने की अनुमति नहीं होगी। नियमों की अनदेखी करने पर सामग्री जब्त कर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। शराब के अवैध विक्रय और परिवहन पर अंकुश लगाने के लिए आबकारी उड़नदस्तों को विशेष निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।

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