रायपुर में श्रमिक महासम्मेलन: मुख्यमंत्री ने की सुविधा केंद्र और ई-बाइक योजना की घोषणा, ई-रिक्शा अनुदान हुआ दोगुना

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रायपुर स्थित सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में आयोजित राज्यस्तरीय श्रमिक महासम्मेलन के दौरान श्रम कल्याण से जुड़ी तीन नई घोषणाएं कीं। विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर हुए इस कार्यक्रम में शासन द्वारा 1 लाख 43 हजार से अधिक पंजीकृत श्रमिकों के बैंक खातों में विभिन्न योजनाओं के तहत 51 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि सीधे अंतरित की गई।
मुख्यमंत्री ने कामगारों के आवागमन और स्वरोजगार को सुगम बनाने के उद्देश्य से ई-रिक्शा खरीद पर दी जाने वाली सरकारी अनुदान राशि को 50 हजार रुपये से बढ़ाकर 1 लाख रुपये करने की घोषणा की। इसके साथ ही पंजीकृत श्रमिकों की यात्रा सहूलियत के लिए नई ई-बाइक सहायता योजना शुरू करने का निर्णय भी लिया गया।
शहरों में दैनिक मजदूरी और रोजगार की तलाश में जुटने वाले श्रमिकों के लिए सर्वसुविधायुक्त आधुनिक श्रमिक सुविधा केंद्र बनाए जाएंगे। आधिकारिक विवरण के अनुसार, इन केंद्रों पर कामगारों के बैठने की समुचित व्यवस्था के अलावा शुद्ध पेयजल, मोबाइल चार्जिंग तथा अन्य बुनियादी जरूरतें उपलब्ध कराई जाएंगी, ताकि उन्हें उपयुक्त और सम्मानजनक वातावरण मिल सके।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ के नवनिर्माण में श्रमिकों की मेहनत का मुख्य योगदान है। उन्होंने जानकारी दी कि राज्य में तीन अलग-अलग मंडलों के जरिए श्रमिकों के लिए 67 कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। मुख्यमंत्री के अनुसार, विगत ढाई वर्षों में विभिन्न योजनाओं के माध्यम से श्रमिकों के खातों में 1000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि पहुंचाई जा चुकी है।
शिक्षा प्रोत्साहन के संदर्भ में उन्होंने बताया कि अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना के तहत श्रमिकों के बच्चों को बेहतर विद्यालयों में दाखिला और कोचिंग की सुविधा दी जा रही है। यदि पात्र बच्चे उच्च शिक्षा के लिए विदेश जाना चाहें, तो उसका खर्च भी शासन वहन करता है। सम्मेलन के दौरान कई हितग्राहियों को सहायता राशि और प्रमाण पत्र भी सौंपे गए।