रायपुर में श्रमिक सम्मेलन: मुख्यमंत्री ने ई-रिक्शा अनुदान बढ़ाकर 1 लाख रुपये करने की घोषणा की

रायपुर के सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में आयोजित राज्य स्तरीय श्रमिक महासम्मेलन में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कामगारों के लिए तीन प्रमुख घोषणाएं कीं। मुख्यमंत्री ने ई-रिक्शा खरीदने के लिए मिलने वाले सरकारी अनुदान को 50 हजार रुपये से बढ़ाकर 1 लाख रुपये करने का एलान किया। इसके साथ ही पंजीकृत श्रमिकों के आवागमन को सुगम बनाने के लिए ई-बाइक सहायता योजना शुरू करने की बात कही।
समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के तहत 1 लाख 43 हजार से अधिक श्रमिकों के बैंक खातों में 51 करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे भेजी। जनसंपर्क विभाग और आधिकारिक विवरण के अनुसार, शहरों में काम की तलाश में जुटने वाले दिहाड़ी मजदूरों के लिए आधुनिक श्रमिक सुविधा केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इन केंद्रों पर कामगारों के लिए बैठने की व्यवस्था, स्वच्छ पेयजल और मोबाइल चार्जिंग जैसी प्राथमिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य के निर्माण और विकास कार्यों में श्रमिकों का पसीना समाहित है। शासन के अनुसार, राज्य में कामगारों के लिए तीन अलग-अलग मंडलों के माध्यम से कुल 67 प्रकार की कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। सरकार का दावा है कि बीते ढाई वर्षों के दौरान विभिन्न योजनाओं के तहत 1,000 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता राशि सीधे श्रमिकों के खातों में अंतरित की जा चुकी है।
शिक्षा से जुड़ी पहलों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना के अंतर्गत श्रमिकों के बच्चों को बेहतर निजी और प्रतिष्ठित विद्यालयों में पढ़ाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में 200 बच्चे अच्छे स्कूलों में अध्ययनरत हैं और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए कोचिंग की व्यवस्था भी की गई है। साथ ही उच्च शिक्षा के लिए विदेश जाने वाले पात्र बच्चों का खर्च भी सरकार वहन कर रही है।
विश्वकर्मा जयंती और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर आयोजित इस सम्मेलन में दीप प्रज्ज्वलन की शुरुआत भी की गई। अधिकारियों के अनुसार इन नई पहलों से प्रदेश के पंजीकृत कामगारों को आर्थिक संबल मिलने के साथ स्वरोजगार और सुरक्षित परिवहन की सुविधा मिलेगी।