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शिक्षकों को श्वानों की गणना करने का दायित्व सौंपे जाने की बात आई सामने

प्रतीकात्मक तस्वीर · फ़ोटो: ibc24.in

प्रशासनिक व्यवस्था के तहत शिक्षकों को श्वानों की गणना करने का दायित्व सौंपे जाने से जुड़ा एक निर्देश सामने आया है। इस निर्णय को लेकर विभिन्न स्तरों पर चर्चा शुरू हो गई है। निर्देश के अनुसार शिक्षकों को श्वानों की संख्या से जुड़े आंकड़े एकत्र करने के साथ-साथ उनसे संबंधित अन्य विवरण भी दर्ज करने होंगे।

सामने आई जानकारी के मुताबिक, इस कार्य के तहत शिक्षकों को केवल संख्यात्मक गणना तक ही सीमित नहीं रहना है। उन्हें प्रत्येक श्वान के शारीरिक और व्यावहारिक लक्षणों की जानकारी भी संकलित करनी होगी। इसके तहत श्वान का रंग दर्ज करना अनिवार्य किया गया है। साथ ही उसके लिंग का उल्लेख भी रिपोर्ट में शामिल करने की बात कही गई है।

इसके अलावा श्वानों के व्यवहार से जुड़ी जानकारी जुटाने का प्रावधान भी इस व्यवस्था में किया गया है। शिक्षकों को यह चिन्हित करना होगा कि संबंधित श्वान शांत स्वभाव का है अथवा वह आक्रामक और हिंसक श्रेणी में आता है। इन सभी बिंदुओं को शामिल करते हुए विस्तृत जानकारी संकलित करने का दायित्व शिक्षकों पर डाला गया है।

शैक्षणिक दायित्वों से इतर शिक्षकों को इस प्रकार के सर्वेक्षण और व्यवहार संबंधी पड़ताल का काम सौंपे जाने के बाद प्रशासनिक और सार्वजनिक हल्कों में इस पर प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। श्वानों के स्वभाव, लिंग तथा शारीरिक पहचान से जुड़ा विवरण तैयार करने के इस निर्देश के कारण यह प्रकरण प्रशासनिक चर्चा के केंद्र में आ गया है।

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