धान खरीदी के लिए तुहर टोकन ऐप से 10 नवंबर से कटेंगे टोकन, 70 फीसदी कोटा ऑनलाइन

छत्तीसगढ़ में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन की शुरुआत 15 नवंबर से होने जा रही है। खाद्य विभाग की समीक्षा बैठक के अनुसार, धान बेचने वाले पंजीकृत किसानों को 10 नवंबर से तुहर टोकन ऐप के जरिए ऑनलाइन टोकन जारी किए जाएंगे। यह उपार्जन सत्र 15 जनवरी 2027 तक संचालित होगा। किसान अपनी आवश्यकता के मुताबिक 15 जनवरी तक किसी भी आगामी तारीख का टोकन 24 घंटे संचालित रहने वाले इस मोबाइल ऐप्लिकेशन से आरक्षित कर सकते हैं।
टोकन आवंटन व्यवस्था के तहत प्रतिदिन जारी होने वाले कुल टोकनों का 70 प्रतिशत हिस्सा तुहर टोकन ऐप के लिए तय किया गया है। शेष 30 प्रतिशत टोकन प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों के माध्यम से सीधे बांटे जाएंगे। खाद्य सचिव रीना कंगाले द्वारा कलेक्टरों के साथ आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में धान खरीदी की तैयारियों की समीक्षा की गई। कोरबा कलेक्टर कुणाल दुदावत ने बताया कि प्राथमिक समितियों में मार्कफेड और मिलर्स के जरिए पर्याप्त संख्या में नए तथा पुराने बारदाने पहुंचा दिए गए हैं।
समीक्षा के मुताबिक, पूर्व के वर्षों में सामने आई गड़बड़ियों अथवा दर्ज प्राथमिकियों के आधार पर 3 केंद्रों को अति संवेदनशील माना गया है। रकबे और पंजीयन में अधिक बढ़ोत्तरी वाले 18 केंद्रों को संवेदनशील श्रेणी में रखा गया है। इन स्थलों पर प्रशासनिक अफसरों की तैनाती की जा रही है। कोरबा जिले के 73 उपार्जन केंद्रों में नोडल अधिकारी नियुक्त हुए हैं तथा 60 समितियों में निगरानी समितियां बनाई गई हैं। अवैध धान परिवहन पर अंकुश लगाने के लिए 9 जांच चौकियां स्थापित की गई हैं, जहां तहसीलदार और नायब तहसीलदार निगरानी संभालेंगे। इसके अलावा 1 जिला स्तरीय और 12 तहसील स्तरीय उड़नदस्ते गठित किए गए हैं।
समीक्षा बैठक में कृषक उन्नति योजना के प्रावधानों को लेकर स्थिति स्पष्ट की गई। अधिकारियों के अनुसार, इस वर्ष पंजीकृत कृषकों को आदान सहायता की राशि बेचे गए धान की मात्रा के बजाय उनके दर्ज रकबे के अनुपात में मिलेगी। यदि कोई किसान अपनी उपज नहीं भी बेचता है, तब भी वह नियमानुसार सहायता राशि प्राप्त करने का हकदार रहेगा। वहीं समर्थन मूल्य पर धान की बिक्री करने वाले किसानों के बैंक खातों में यह अतिरिक्त राशि न्यूनतम समर्थन मूल्य के साथ ही अंतरित कर दी जाएगी।