अमृत भारत स्टेशन योजना: प्रधानमंत्री ने मध्य प्रदेश, गुजरात समेत कई राज्यों में 75 स्टेशनों का किया वर्चुअल लोकार्पण

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पंजाब में आयोजित एक समारोह से डिजिटल माध्यम द्वारा देश के 20 राज्यों में फैले 75 पुनर्विकसित रेलवे स्टेशनों का लोकार्पण किया। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत तैयार इन परिसरों में मध्य प्रदेश के 13, गुजरात के 4, छत्तीसगढ़ के 3 और झारखंड के 2 रेलवे स्टेशन शामिल हैं। रेल मंत्रालय के अनुसार, इन सभी स्थानों पर पहले केवल बुनियादी ढांचा मौजूद था, जिसे अब आधुनिक यात्री सुविधाओं के साथ उन्नत बनाया गया है।
मध्य प्रदेश में कुल 13 स्टेशनों का कायाकल्प किया गया है। इस सूची में अशोकनगर, बालाघाट, ब्यौहारी, भिंड, छिंदवाड़ा, हरपालपुर, जुन्नारदेव, एमसीएस छतरपुर, नैनपुर, सांची, शिवपुरी, टीकमगढ़ और विदिशा सम्मिलित हैं। रेल अधिकारियों के मुताबिक, पश्चिम मध्य रेलवे के भोपाल मंडल के अंतर्गत आने वाले सांची, विदिशा, अशोकनगर और शिवपुरी में स्थानीय सांस्कृतिक विरासत तथा आधुनिक वास्तुकला का तालमेल बिठाया गया है।
मध्य प्रदेश के विभिन्न परिसरों में आयोजित कार्यक्रमों में कई जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। सांची में आयोजित समारोह में राज्यपाल मंगूभाई पटेल, महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर, विधायक प्रभुराम चौधरी और विधायक सुरेन्द्र पटवा शामिल हुए। मुख्यमंत्री मोहन यादव टीकमगढ़ में उपस्थित रहे। विदिशा में सांसद रजनीश अग्रवाल तथा विधायक मुकेश टंडन पहुंचे, जबकि अशोकनगर में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया एवं विधायक जगन्नाथ सिंह रघुवंशी और शिवपुरी में विधायक देवेन्द्र कुमार जैन मौजूद रहे।
गुजरात में 109 करोड़ रुपये के व्यय से चार स्टेशनों का पुनर्विकास पूरा हुआ है। इनमें प्रताप नगर, गोधरा, पोरबंदर और भक्तिनगर स्टेशन शामिल हैं। इन चार परिसरों के जुड़ने से राज्य में योजना के तहत पुनर्विकसित स्टेशनों की संख्या 22 हो गई है। वडोदरा मंडल के प्रताप नगर रेलवे स्टेशन पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल सम्मिलित हुए।
रेल प्रशासन के अनुसार, इन सभी पुनर्विकसित स्टेशनों पर बेहतर भवन, लिफ्ट तथा फुट-ओवर-ब्रिज जैसी आधुनिक सुविधाएं स्थापित की गई हैं। अधिकारियों का दावा है कि सांस्कृतिक पहचान और उन्नत बुनियादी ढांचे के इस समन्वय से क्षेत्रीय पर्यटन, वाणिज्यिक गतिविधियों और स्थानीय अर्थव्यवस्था को सहारा मिलेगा। उधर छत्तीसगढ़ में भी योजना के तहत तीन पुनर्विकसित स्टेशनों को जनता को समर्पित किया गया है।