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कांकेर में 61 हितग्राहियों को बांटे गए सहायक साधन, शिविर में बांटे गए प्रमाण पत्र

प्रतीकात्मक तस्वीर · फ़ोटो: Jashapd1 / Wikimedia Commons, CC BY-SA 4.0

उत्तर बस्तर कांकेर जिला मुख्यालय के मिनी स्टेडियम परिसर में आयोजित एक विशेष शिविर में 61 दिव्यांगजनों को निशुल्क सहायक उपकरण दिए गए। इस कार्यक्रम में शारीरिक रूप से अक्षम हितग्राहियों के आवागमन को सुगम बनाने के लिए 34 ट्राइसाइकिल और 27 व्हीलचेयर प्रदान की गईं। इसके अतिरिक्त कार्यक्रम स्थल पर मौके पर ही दिव्यांगता प्रमाण पत्रों का भी वितरण किया गया।

यह वितरण कार्यक्रम जिला प्रशासन और जयपुर की भगवान महावीर दिव्यांग सहायता समिति के साझे प्रयास से संपन्न हुआ। आयोजन में कांकेर विधायक आशाराम नेताम मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए, जबकि अध्यक्षता नगर पालिका परिषद कांकेर के अध्यक्ष अरुण कौशिक ने की। विधायक ने कहा कि राज्य शासन दिव्यांगजनों को आवश्यक साधन तथा पेंशन जैसी सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराने के लिए काम कर रहा है। पालिका अध्यक्ष ने कहा कि ऐसे कदमों से जरूरतमंद नागरिकों का दैनिक जीवन आसान होता है।

कलेक्टर कुन्दन कुमार के अनुसार इससे पहले जगदलपुर में आयोजित बड़े शिविर में जिले के 277 दिव्यांगजनों को लाभान्वित किया गया था। उस आयोजन में जो पात्र व्यक्ति शामिल नहीं हो पाए थे, उनके लिए कांकेर मुख्यालय में यह स्थानीय वितरण शिविर रखा गया। अधिकारियों ने दोहराया कि अंतिम पंक्ति के नागरिकों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना प्रशासन का मुख्य उद्देश्य है।

कार्यक्रम में भगवान महावीर दिव्यांग सहायता समिति के प्रतिनिधि नारायण व्यास, पूर्व विधायक सुमित्रा मारकोले, महेश जैन, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी हरेश मंडावी, राजेश शर्मा, दिलीप जायसवाल तथा समाज कल्याण विभाग की उप संचालक क्षमा शर्मा उपस्थित रहीं।

इसके साथ ही ज़िले के कोयलीबेड़ा, पखांजूर और बांदे जैसे सुदूर अंचलों में भी मूल्यांकन एवं चिन्हांकन शिविरों के ज़रिये सुविधाएं दी जा रही हैं। स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार इन शिविरों में ग्रामीणों के मेडिकल प्रमाण पत्र, यूडीआईडी कार्ड, पेंशन प्रकरण, राशन कार्ड तथा बस पास संबंधी प्रक्रियाएं एक ही जगह पूरी की जा रही हैं। ऐसे ही एक शिविर में 6 हितग्राहियों को ट्राइसाइकिल, बैटरी चालित ट्राइसाइकिल, श्रवण यंत्र और व्हीलचेयर बांटे गए, ताकि उन्हें अलग-अलग दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें।

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