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कानून का उल्लंघन होने पर निर्वाचन आयोग के निर्णय रद्द कर सकता है शीर्ष न्यायालय

उच्चतम न्यायालय के अनुसार यदि निर्वाचन आयोग द्वारा लिए गए निर्णयों में कानूनी नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो अदालत उन्हें निरस्त करने का अधिकार रखती है। शीर्ष अदालत ने स्पष्ट किया है कि आयोग के समस्त कदम वैधानिक दायरे के तहत होने चाहिए। यदि किसी निर्णय में नियमों की अनदेखी सामने आती है, तो न्यायपालिका समीक्षा करके उस आदेश को पूरी तरह खारिज कर सकती है।