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चक्रवाती तूफान अर्णव को लेकर छत्तीसगढ़ समेत पाँच राज्यों में चेतावनी, केंद्र ने परखीं तैयारियाँ

प्रतीकात्मक तस्वीर · फ़ोटो: Ms Sarah Welch / Wikimedia Commons, CC BY-SA 4.0

बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवाती तूफान ‘अर्णव’ के असर को देखते हुए केंद्र सरकार ने प्रशासनिक सतर्कता बढ़ा दी है। इस सिलसिले में छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश, ओडिशा, तेलंगाना और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में आपदा प्रबंधन महकमों को पूरी तैयारी रखने के निर्देश दिए गए हैं। भारतीय मौसम विभाग की जानकारी के अनुसार यह चक्रवात आंध्र प्रदेश के तट की तरफ बढ़ रहा है और इसके 28 अक्टूबर की सुबह ज़मीन से टकराने के आसार हैं।

मौसम विभाग के बुलेटिन के मुताबिक सोमवार तड़के साढ़े पाँच बजे यह मौसमी तंत्र पूर्वी-मध्य और उससे लगे पश्चिमी-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर मौजूद था। उस वक़्त यह विशाखापत्तनम से लगभग 650 किलोमीटर पूर्व-दक्षिण-पूर्व दिशा में स्थित था और 15 किलोमीटर प्रति घंटे की चाल से पश्चिम की ओर बढ़ रहा था। विशेषज्ञों का आकलन है कि सोमवार आधी रात तक यह गंभीर चक्रवाती तूफान और फिर मंगलवार तक बहुत गंभीर चक्रवाती तूफान में बदल सकता है। इसके बापटला और विशाखापत्तनम के बीच, यनम के नज़दीक से गुज़रने का अनुमान लगाया गया है। इस दौरान हवा की रफ्तार 115 से 125 किलोमीटर प्रति घंटा रह सकती है, जबकि झोंकों की गति 140 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुँच सकती है।

हालात की समीक्षा के लिए कैबिनेट सचिव टीवी सोमनाथन की अगुवाई में नेशनल क्राइसिस मैनेजमेंट कमिटी की बैठक हुई। इसमें नागरिकों की हिफ़ाज़त को सर्वोच्च प्राथमिकता देने और परिसंपत्तियों के नुकसान को न्यूनतम रखने पर ज़ोर दिया गया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि आवश्यक नागरिक सेवाओं की आपूर्ति बिना रुकावट जारी रहे और ख़लल पड़ने पर उन्हें फ़ौरन दुरुस्त किया जाए। इसके अलावा भारी बारिश की संभावना के चलते पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार के अफसरों को भी चौकस रहने को कहा गया है।

राहत एवं बचाव कार्यों के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल और राज्य आपदा मोचन बल के दल तैनात कर दिए गए हैं, जबकि अतिरिक्त कर्मियों को तैयार स्थिति में रखा गया है। सेना, नौसेना, वायु सेना और तटरक्षक बल के राहत दस्तों को भी चौकन्ना रहने के निर्देश मिले हैं। मछुआरों को 26 अक्टूबर से 29 अक्टूबर तक समंदर में न जाने की हिदायत दी गई है। केंद्रीय गृह मंत्रालय और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण लगातार राज्यों के साथ तालमेल बनाए हुए हैं।

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