शासन-प्रशासन

छत्तीसगढ़ के 350 से अधिक सरकारी पोर्टल केंद्र के मेघराज क्लाउड पर होंगे स्थानांतरित

छत्तीसगढ़ प्रशासन ने निजी कंपनियों के सर्वर पर संचालित अपनी साढ़े तीन सौ से अधिक शासकीय वेबसाइटों और पोर्टलों को केंद्र सरकार के ‘मेघराज’ क्लाउड पर स्थानांतरित करने की तैयारी शुरू कर दी है। केंद्र के दिशा-निर्देशों के आधार पर राज्य शासन ने सभी विभागों को इस स्थानांतरण की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव विकासशील ने भी इस संबंध में आवश्यक निर्देश जारी किए हैं।

वर्तमान में वित्त, राजस्व विभाग तथा ऊर्जा विभाग सहित छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल जैसे कई संस्थान अपने डेटा प्रबंधन हेतु निजी क्लाउड प्रदाताओं की सेवाएं ले रहे हैं। इसके साथ ही ज़िला स्तरीय कार्यालयों, स्थानीय सरकारी एजेंसियों और नगरीय निकायों के कई डिजिटल पोर्टल भी निजी कंपनियों के बुनियादी ढांचे पर चल रहे हैं। इन ऑनलाइन प्रणालियों में विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के लाखों लाभार्थियों के नाम, पते, मोबाइल नंबर, बैंक खातों और संपत्तियों से जुड़े संवेदनशील दस्तावेज़ दर्ज हैं।

अधिकारियों के अनुसार, केंद्र के साझा क्लाउड तंत्र पर जाने से निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन, निरंतर निगरानी, नियमित बैकअप और साइबर हमलों के समय डेटा रिकवरी की व्यवस्था पहले की तुलना में अधिक पुख्ता हो सकेगी। हालांकि अधिकारियों ने यह भी रेखांकित किया है कि सुरक्षा का स्तर संबंधित विभागों के आंतरिक तकनीकी प्रबंधन पर भी निर्भर रहेगा। निजी प्रदाताओं पर सरकारी निर्भरता घटाने के साथ-साथ इस एकीकृत प्रणाली से विभिन्न विभागों के बीच समन्वय और तकनीकी संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल संभव हो सकेगा। इस क्लाउड मंच का उपयोग करने पर भी विभागों को निर्धारित सेवा शुल्क देना होगा, जिसके लिए राज्य शासन अलग से बजट उपलब्ध कराएगा।

इसी तकनीकी समीक्षा में यह बात भी सामने आई है कि प्रदेश के छह नगर निगमों की वेबसाइटें सरकारी नियमावली के विपरीत अब भी कॉमर्शियल डॉट कॉम डोमेन पर चल रही हैं। इनमें बिलासपुर, रायगढ़, भिलाई, भिलाई-चरोदा, बीरगांव और रिसाली नगर निगम शामिल हैं। केंद्र सरकार की आधिकारिक गाइडलाइन के तहत सभी सरकारी पोर्टलों के लिए डॉट जीओवी डॉट इन अथवा डॉट एनआईसी डॉट इन डोमेन का प्रयोग अनिवार्य रूप से तय किया गया है।

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