योजनारायपुर

छत्तीसगढ़ कैबिनेट ने 500 करोड़ के स्टार्टअप मिशन और निर्यात प्रोत्साहन नीति 2026-30 को दी मंज़ूरी

प्रतीकात्मक तस्वीर · फ़ोटो: Shreyasime / Wikimedia Commons, CC BY-SA 4.0

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में नवा रायपुर स्थित मंत्रालय महानदी भवन में मंत्रिपरिषद की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में प्रदेश में उद्यमिता, कौशल विकास और व्यापार विस्तार से जुड़े कई नीतिगत प्रस्तावों को औपचारिक स्वीकृति प्रदान की गई।

जनसंपर्क विभाग और आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, राज्य में नवाचार को गति देने के लिए ‘मुख्यमंत्री स्टार्टअप एवं निपुण मिशन’ शुरू करने का निर्णय लिया गया है। इस मिशन के अंतर्गत आगामी पाँच वर्षों में 500 करोड़ रुपये का वित्तीय आवंटन किया जाएगा। योजना के तहत प्रदेश के सभी 33 ज़िलों में उद्यमिता विकास केंद्रों का गठन होगा। इसके अतिरिक्त 100 इमर्जिंग टेक्नोलॉजी प्रयोगशालाएँ और पाँच इंडस्ट्री एक्सीलेंस केंद्र स्थापित किए जाएंगे। निपुण जॉब इंजन के ज़रिये उद्योगों की मांग के अनुरूप प्रशिक्षण देकर युवाओं को औपचारिक रोज़गार से जोड़ने की योजना है।

मंत्रिपरिषद ने प्रदेश को प्रमुख व्यापारिक केंद्र बनाने के लक्ष्य के साथ ‘छत्तीसगढ़ निर्यात प्रोत्साहन नीति 2026-30’ को भी मंज़ूरी दी है। इसके माध्यम से लॉजिस्टिक्स तंत्र को सुदृढ़ करने के साथ-साथ ई-कॉमर्स, व्यापार मेलों और प्रदर्शनियों के माध्यम से स्थानीय उत्पादकों को वैश्विक बाज़ार उपलब्ध कराया जाएगा। इस नीति में कृषि और औद्योगिक क्षेत्रों के मूल्य संवर्धित उत्पादों की बिक्री बढ़ाने पर विशेष ज़ोर दिया गया है।

अधिकारियों के मुताबिक, नवा रायपुर अटल नगर के ग्राम तेंदुवा में राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थान (एनएसटीआई) की स्थापना का मार्ग प्रशस्त किया गया है। इसके लिए भारत सरकार के कौशल विकास एवं उद्यमशीलता निदेशालय को 10 एकड़ भूमि बिना किसी शुल्क के आवंटित की जाएगी। लगभग 200 करोड़ रुपये के निवेश से बनने वाले इस परिसर में प्रतिवर्ष 1,000 युवाओं को दीर्घकालिक और 3,000 युवाओं को अल्पकालिक तकनीकी प्रशिक्षण देने की सुविधा उपलब्ध होगी।

बैठक में शासकीय कर्मचारियों के हित में भी निर्णय लिया गया। राज्य शासन के अधीन कार्यरत स्थायी और अस्थायी कर्मियों, निगम-मंडलों व स्वशासी संस्थाओं के कर्मचारियों, संविदाकर्मियों तथा नगर सैनिकों के लिए अन्य शासकीय पदों और उच्च सेवाओं में आवेदन की अधिकतम आयु सीमा 38 वर्ष से बढ़ाकर 45 वर्ष कर दी गई है। सरकार जल्द ही इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी करेगी।

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