छत्तीसगढ़ को मिले 3.65 लाख से अधिक अतिरिक्त प्रधानमंत्री आवास, सक्ती में बनेगा कृषि विज्ञान केंद्र

छत्तीसगढ़ को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 3 लाख 65 हजार 159 अतिरिक्त मकानों की स्वीकृति प्राप्त हुई है। सक्ती ज़िले के ग्राम जेठा में कॉलेज मैदान पर आयोजित एक राज्यस्तरीय समारोह में केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शिरकत की। दोनों नेताओं ने प्रदेश भर में नवनिर्मित लगभग 2 लाख आवासों में हितग्राहियों का गृह प्रवेश कराया और उन्हें नए घरों की चाबियां सौंपीं।
समारोह के दौरान केंद्रीय मंत्री ने सक्ती ज़िले में नया कृषि विज्ञान केंद्र स्थापित करने का एलान किया। इसके साथ ही बस्तर संभाग में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के सर्वेक्षण कार्य की अंतिम तिथि को बढ़ाकर 31 अक्टूबर 2026 करने की घोषणा की गई।
केंद्रीय मंत्री के अनुसार इन 3.65 लाख से अधिक नए आवासों के निर्माण पर 4 हजार करोड़ रुपये से अधिक की लागत आएगी। उन्होंने बताया कि राज्य में वर्तमान में प्रतिदिन औसतन 1,600 से अधिक मकान बनकर तैयार हो रहे हैं। केंद्रीय मंत्री ने अपने संबोधन में पिछली सरकार पर केंद्र से मिली राशि के विरुद्ध आवश्यक मैचिंग ग्रांट न देने का आरोप लगाया और कहा कि उस समय इस कारण तत्कालीन विभागीय मंत्री टीएस सिंहदेव को त्यागपत्र तक देना पड़ा था।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य में सरकार गठन के तुरंत बाद पहली कैबिनेट बैठक में ही 18 लाख प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत करने का निर्णय लिया गया था। मुख्यमंत्री के अनुसार बीते ढाई वर्षों की अवधि में प्रदेश में 11.50 लाख से अधिक आवासों का निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है। शासन की प्राथमिकता हर पात्र परिवार को तय समय में पक्का आवास उपलब्ध कराने की है।
कृषि क्षेत्र पर चर्चा करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सक्ती में प्रस्तावित कृषि विज्ञान केंद्र के माध्यम से किसानों को उन्नत वैज्ञानिक पद्धतियों का मार्गदर्शन मिलेगा। उन्होंने किसानों की आय में वृद्धि के लिए एकीकृत कृषि प्रणाली पर बल दिया। इसके अंतर्गत बागवानी, फल, फूल, सब्जी उत्पादन के साथ-साथ मछली पालन, मधुमक्खी पालन और बकरी पालन जैसी गतिविधियों को अपनाने का सुझाव दिया गया।