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मार्च 2025: छत्तीसगढ़ का 1.65 लाख करोड़ का 2025-26 बजट — राजस्व अधिशेष लक्ष्य, राजकोषीय घाटा जीएसडीपी का 3.8%

प्रतीकात्मक तस्वीर · फ़ोटो: Moon Bhuyan / Pexels

वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने 3 मार्च 2025 को छत्तीसगढ़ विधानसभा में वित्त वर्ष 2025-26 का बजट प्रस्तुत किया। बजट दस्तावेजों के अनुसार, ऋण पुनर्भुगतान को छोड़कर कुल व्यय 1,65,000 करोड़ रुपये अनुमानित है, जो 2024-25 के संशोधित अनुमान से 9% अधिक है। इसके अतिरिक्त राज्य 11,337 करोड़ रुपये के ऋण का पुनर्भुगतान भी करेगा। उधारी को छोड़कर कुल प्राप्तियाँ 1,41,100 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है, जो 2024-25 के संशोधित अनुमान से 16% अधिक है।

शासन के अनुसार, 2025-26 में राज्य की जीएसडीपी चालू कीमतों पर 6.35 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है, जो पिछले वर्ष से 12% की वृद्धि दर्शाता है। स्थिर कीमतों पर 2024-25 में जीएसडीपी वृद्धि दर 7.5% अनुमानित है, जबकि इसी अवधि में राष्ट्रीय सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि दर 9.2% आँकी गई है। कृषि क्षेत्र में 5.8%, विनिर्माण में 7.1% और सेवा क्षेत्र में 8.5% वृद्धि का अनुमान है। चालू कीमतों पर 2024-25 में तीनों क्षेत्रों का अर्थव्यवस्था में योगदान क्रमशः 27%, 36% और 37% रहने का अनुमान है। प्रति व्यक्ति जीएसडीपी 1,62,870 रुपये अनुमानित है, जो 2023-24 से 9.4% अधिक है।

राजकोषीय संतुलन की दृष्टि से बजट दस्तावेजों के अनुसार 2025-26 में 2,804 करोड़ रुपये यानी जीएसडीपी का 0.4% राजस्व अधिशेष रहने का लक्ष्य है। इसके विपरीत 2024-25 में संशोधित अनुमानों के आधार पर 7,206 करोड़ रुपये यानी जीएसडीपी का 1.3% राजस्व घाटा रहने की आशंका है, जबकि उस वर्ष का बजट लक्ष्य 0.2% राजस्व अधिशेष था। राजकोषीय घाटा 2025-26 में जीएसडीपी के 3.8% यानी 23,900 करोड़ रुपये पर सीमित रखने का प्रस्ताव है; 2024-25 में संशोधित अनुमानों के अनुसार यह बढ़कर जीएसडीपी के 5.3% तक पहुँचने की आशंका है, जो उस वर्ष के 3.8% के बजट लक्ष्य से काफी अधिक है।

नीतिगत प्रस्तावों में शिक्षा के क्षेत्र में नवा रायपुर में एजुकेशन सिटी की स्थापना, छह नए फिजियोथेरेपी महाविद्यालय, 12 नए नर्सिंग महाविद्यालय और राज्य में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी खोलने की घोषणा शामिल है। दूरदराज के क्षेत्रों में मोबाइल नेटवर्क विस्तार के लिए मुख्यमंत्री मोबाइल टॉवर योजना प्रारंभ की जाएगी।

कर प्रस्तावों के अंतर्गत दस वर्षों से अधिक समय से लंबित 25,000 रुपये तक की वैट देनदारियाँ छोटे व्यापारियों के लिए माफ की जाएंगी। पेट्रोल पर वैट एक रुपये प्रति लीटर घटाया जाएगा और अचल संपत्ति लेनदेन पर स्टांप शुल्क उपकर समाप्त किया जाएगा। इसके अलावा महानदी-इंद्रावती और सिकासार-कोदार नदियों को जोड़ने के लिए सर्वेक्षण शुरू करने का प्रस्ताव भी बजट में सम्मिलित है। शासन के अनुसार यह राज्य का रजत जयंती बजट है और इस वर्ष को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर 'अटल निर्माण वर्ष' घोषित किया गया है।