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छत्तीसगढ़ बजट 2026-27: नए विधानसभा भवन में पेश हुआ बजट, राज्यपाल के अभिभाषण से शुरू हुआ सत्र

प्रतीकात्मक तस्वीर · फ़ोटो: VishuN / Wikimedia Commons, CC BY-SA 4.0

छत्तीसगढ़ की षष्ठम् विधानसभा के अष्टम सत्र के दौरान राज्य का वार्षिक आय-व्ययक नवा रायपुर अटल नगर परिसर स्थित नवीन विधानसभा भवन में पटल पर रखा गया। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए यह बजट 24 फरवरी को दोपहर 12:30 बजे प्रस्तुत किया। नए विधानसभा परिसर में राज्य का बजट प्रस्तुत किए जाने का यह पहला अवसर रहा। वित्त मंत्री ने इस बजट को नई थीम पर आधारित बताया।

बजट सत्र के पहले दिन राज्यपाल रमेन डेका ने सदन में अपना अभिभाषण दिया। विधानसभा परिसर पहुंचने पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह और नेता प्रतिपक्ष डॉ चरण दास महंत ने उनका स्वागत किया। राज्यपाल ने अपने संबोधन में राज्य स्थापना और विधानसभा की रजत जयंती का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा लोकार्पित नवीन भवन लोकतंत्र का नया केंद्र है और राज्य वर्ष 2047 तक विकसित होने के संकल्प पर अग्रसर है। इसके साथ ही उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी के योगदान को भी रेखांकित किया।

राज्यपाल ने सदन को बताया कि शासन की प्राथमिकताओं में अंत्योदय और महिला सशक्तिकरण प्रमुख हैं। इसी क्रम में इस वर्ष को महतारी गौरव वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। कृषि क्षेत्र के संदर्भ में उन्होंने विवरण दिया कि चालू सत्र में 25 लाख 24 हजार किसानों से समर्थन मूल्य पर 141.04 लाख मीट्रिक टन धान का उपार्जन किया गया, जिसके एवज में 33 हजार 431 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है। इसके अलावा कृषक उन्नति योजना के तहत काश्तकारों को होली से पूर्व 10 हजार 292 करोड़ रुपये का भुगतान करने का फैसला लिया गया।

सदन में दी गई जानकारी के अनुसार, राज्य के 24 लाख 72 हजार किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ मिल रहा है। साथ ही दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के अंतर्गत 5 लाख से अधिक पंजीकृत भूमिहीन कृषि मजदूरों को सालाना 10 हजार रुपये की राशि दी जा रही है। सदन में अविभाजित मध्य प्रदेश विधानसभा के पूर्व सदस्य स्वर्गीय दीनदयाल सिंह पोर्ते को श्रद्धांजलि भी दी गई। विधानसभा की कार्यसूची के मुताबिक, 26 और 27 फरवरी को बजट पर सामान्य चर्चा तथा 9 से 17 मार्च तक विभागवार अनुदान मांगों पर विचार होगा। इसके बाद 17 मार्च को विनियोग विधेयक का पुरःस्थापन और 18 मार्च 2026 को इस पर चर्चा व पारण का कार्यक्रम तय किया गया है।

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