छत्तीसगढ़ भूमि विकास नियमों में संशोधन का मसौदा जारी, आवासीय और कृषि क्षेत्रों में नए प्रावधान प्रस्तावित

छत्तीसगढ़ में भूमि विकास नियमों में बदलाव को लेकर एक नया मसौदा सामने आया है। इस तैयार प्रारूप के माध्यम से प्रदेश के आवासीय क्षेत्रों और कृषि भूमि के उपयोग पर कई नई पाबंदियाँ लागू करने का प्रस्ताव रखा गया है।
सामने आई जानकारी के अनुसार, भूमि विकास नियमों में प्रस्तावित इस संशोधन का मुख्य केंद्र रिहायशी और खेती की ज़मीनें हैं। राज्य में ज़मीन के उपयोग और उससे जुड़े विकास कार्यों को नियंत्रित करने के उद्देश्य से इन नियमों में संशोधन की रूपरेखा तैयार की गई है। इस नए मसौदे के तहत कृषि प्रधान भूखंडों और आवासीय इलाकों में होने वाले निर्माण तथा भू-उपयोग से संबंधित दिशा-निर्देशों में फेरबदल प्रस्तावित है।
प्रस्तावित प्रारूप में कृषि क्षेत्रों और रिहायशी परिसरों में गतिविधियों को विनियमित करने के लिए नए प्रतिबंध तय किए जाने का उल्लेख है। राज्य में भूमि विकास की व्यवस्था को अद्यतन करने के लिए नियमों के इस मसौदे को आगे बढ़ाया गया है। इसके लागू होने से संबंधित क्षेत्रों में भू-उपयोग के नियम बदलेंगे।
फिलहाल भूमि विकास नियमों में संशोधन से संबंधित यह प्रारूप तैयार कर प्रस्तुत किया गया है, जिसमें आवासीय और कृषि क्षेत्रों के लिए विभिन्न विधिक बंदिशें प्रस्तावित की गई हैं।