योजनारायपुर

फरवरी 2024: छत्तीसगढ़ में 211 पीएम-श्री स्कूलों का उद्घाटन, राष्ट्रीय शिक्षा नीति की जमीनी परीक्षा

प्रतीकात्मक तस्वीर · फ़ोटो: Raj Rana / Unsplash

छत्तीसगढ़ में 19 फरवरी 2024 को रायपुर में एक साथ 211 पीएम-श्री विद्यालयों का उद्घाटन किया गया। शिक्षा मंत्रालय के अनुसार ये विद्यालय राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के सिद्धांतों को क्रियान्वित करने के मॉडल के रूप में विकसित किए जाएंगे।

केंद्र सरकार ने यह योजना 7 सितंबर 2022 को आरंभ की थी। इस केंद्र प्रायोजित योजना के अंतर्गत देशभर के 14,500 से अधिक स्कूलों को उन्नत करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है और वर्ष 2022-23 से 2026-27 के बीच इसके लिए 27,360 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है। शिक्षा मंत्रालय के डैशबोर्ड के अनुसार अब तक देशभर में कुल 13,092 पीएम-श्री स्कूल चिह्नित किए जा चुके हैं, जिनमें 1,311 प्राथमिक विद्यालय सम्मिलित हैं।

योजना के नियमों के अनुसार प्रत्येक विकासखंड में अधिकतम दो विद्यालय — एक प्राथमिक और एक माध्यमिक अथवा उच्चतर माध्यमिक — चुने जाते हैं। चयन 'चैलेंज मोड' पद्धति से होता है, जिसमें विद्यालय राष्ट्रीय मानकों पर अपनी अनुपालन स्थिति के आधार पर प्रतिस्पर्धा करते हैं। अधिकारियों के अनुसार पूरी वित्तीय सहायता प्राप्त करने के लिए संबंधित विद्यालय को अपने नाम में 'पीएम-श्री' उपसर्ग जोड़ना अनिवार्य है।

इन विद्यालयों में स्मार्ट कक्षाएं, डिजिटल पुस्तकालय और डिजिटल प्रयोगशालाएं स्थापित की जानी हैं। पर्यावरणीय स्थिरता के अंतर्गत सौर पैनल, एलईडी प्रकाश व्यवस्था, प्राकृतिक कृषि पर आधारित पोषण वाटिका, वर्षाजल संग्रहण, कचरा प्रबंधन और प्लास्टिक-मुक्त परिसर जैसी सुविधाओं का प्रावधान है। शासन के अनुसार इन विद्यालयों का एक उद्देश्य विद्यार्थियों को स्थानीय उद्योगों से जोड़कर कौशल विकास के अवसर उपलब्ध कराना भी है। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के एक सर्वेक्षण के अनुसार वर्ष 2023-24 में कई पीएम-श्री विद्यालयों में नामांकन संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज हुई है।

हालांकि कुछ राज्यों ने इस योजना को लागू करने से इनकार किया है। उनका तर्क है कि यह योजना असंतोषजनक है और शिक्षा के केंद्रीयकरण को बढ़ावा देती है। छत्तीसगढ़ में उद्घाटित 211 विद्यालयों में अधोसंरचना की वर्तमान स्थिति और क्रियान्वयन की विस्तृत सार्वजनिक रिपोर्ट राज्य शिक्षा विभाग की ओर से अभी उपलब्ध नहीं कराई गई है।