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छत्तीसगढ़ में अवैध रेत खनन पर समझौता राशि पच्चीस हज़ार, ज़ब्त वाहन छुड़ाने पर तीन लाख रुपये तक का प्रावधान

प्रतीकात्मक तस्वीर · फ़ोटो: Jithin.hill / Wikimedia Commons, CC BY-SA 4.0

छत्तीसगढ़ में गैर-कानूनी खनन के मामलों को लेकर शासन ने दंडात्मक व्यवस्था को पहले से अधिक कड़ा किया है। जनसंपर्क विभाग के अनुसार, राज्य में अनधिकृत रूप से हो रहे खनन पर प्रभावी रोक लगाने के लिए आर्थिक दंड की दरों में वृद्धि की गई है तथा विधिक कार्रवाई के प्रावधानों को सख्त बनाया गया है।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, अनधिकृत रेत उत्खनन से जुड़े प्रकरणों में समझौता राशि पच्चीस हज़ार रुपये निर्धारित की गई है। इसके साथ ही पकड़े गए वाहनों को शासन की ज़ब्ती से मुक्त कराने के लिए तय भुगतान राशि को तीन लाख रुपये तक रखा गया है। वाहन मालिकों को अपने ज़ब्त साधन वापस पाने के लिए इस अधिकतम सीमा के तहत निर्धारित राशि जमा करानी होगी।

जनसंपर्क विभाग द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी में बताया गया है कि अवैध खनन की रोकथाम के लिए जुर्माने की दरों में विस्तार किया गया है। शासन का मानना है कि दंड स्वरूप ली जाने वाली राशि में यह वृद्धि अनियंत्रित खनिज गतिविधियों पर अंकुश लगाने में सहायक सिद्ध होगी।

शासन के स्तर पर लिए गए इन कड़े निर्णयों का मुख्य उद्देश्य राज्य में खनिज संपदा के अनधिकृत दोहन पर लगाम कसना है। जनसंपर्क विभाग और उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, जुर्माना राशि बढ़ाने तथा ज़ब्त वाहनों की मुक्ति के लिए उच्च दरें तय होने से नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सकेगी।

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