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छत्तीसगढ़ में मानदेय और बॉन्ड नीति के विरोध में तीन हज़ार जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल

प्रतीकात्मक तस्वीर · फ़ोटो: etvbharat.com

छत्तीसगढ़ के सबसे बड़े चिकित्सा संस्थान अंबेडकर अस्पताल समेत प्रदेश के विभिन्न ज़िलों में स्थित शासकीय मेडिकल कॉलेजों में जूनियर डॉक्टरों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। मानदेय में बढ़ोतरी और बॉन्ड की शर्तों में सुधार की माँग को लेकर स्नातकोत्तर, इंटर्न तथा अनुबंध पर कार्यरत लगभग तीन हज़ार चिकित्सकों ने अपनी सेवाएँ पूरी तरह बंद कर दी हैं। गुरुवार सुबह से शुरू हुए इस विरोध प्रदर्शन के तहत चिकित्सकों ने अस्पताल के बाहर सड़क पर बैठकर नारेबाजी की और स्वयं को उपचार से जुड़ी सभी गतिविधियों से अलग कर लिया।

जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन के प्रमुख डॉ प्रेम चौधरी के अनुसार राज्य के चिकित्सकों को मध्य प्रदेश और झारखंड जैसे पड़ोसी प्रदेशों की तुलना में बेहद कम भुगतान किया जाता है। अन्य राज्यों में यह राशि करीब नब्बे हज़ार रुपये तक पहुँच चुकी है, जबकि छत्तीसगढ़ में चिकित्सकों को केवल पचास से पचपन हज़ार रुपये ही दिए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पिछले चार वर्षों के दौरान मानदेय में कोई वृद्धि नहीं की गई है। इसके साथ ही प्रदेश में लागू चार वर्ष की अनिवार्य बॉन्ड नीति का भी कड़ा विरोध किया जा रहा है, जिसे अन्य राज्यों के नियमों की तुलना में अव्यावहारिक बताया गया है।

आंदोलनकारी चिकित्सकों के कार्य बहिष्कार की वजह से नियमित जाँच, ओपीडी और आपातकालीन चिकित्सा सेवाएँ पूरी तरह ठप हो गई हैं। डॉक्टरों का स्पष्ट कहना है कि माँगें स्वीकृत होने तक वे किसी भी मरीज की जाँच नहीं करेंगे। सरकारी मेडिकल कॉलेजों में मरीजों की देखभाल का मुख्य दायित्व इन्हीं चिकित्सकों पर होने के कारण स्वास्थ्य सेवाएँ गंभीर रूप से प्रभावित हो रही हैं।

इस बीच इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने हड़ताल का समर्थन किया है। एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ राकेश गुप्ता ने धरना स्थल पर जाकर आंदोलन को सैद्धांतिक सहमति दी। उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंह देव से फोन पर संपर्क साधकर चिकित्सकों की शिष्यवृत्ति में वृद्धि और बॉन्ड नीति को लेकर सकारात्मक पहल करने की अपील की। इसके साथ ही उन्होंने राज्य भर में आयुष्मान योजना से जुड़े बकाया भुगतानों की जटिल समस्या पर भी स्वास्थ्य मंत्री का ध्यान आकृष्ट कराया और स्वास्थ्य विभाग से इस विषय पर शीघ्र निर्णय लेने का आग्रह किया।

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