छत्तीसगढ़ विधानसभा का बजट सत्र शुरू, राज्यपाल के अभिभाषण में किसानों और अंत्योदय पर ज़ोर

छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र की शुरुआत राज्यपाल रमेन डेका के अभिभाषण के साथ हुई। नवा रायपुर स्थित नए विधानसभा परिसर में आयोजित इस सत्र में राज्यपाल ने शासन के विभिन्न नीतिगत प्राथमिकताओं का ब्योरा सदन के समक्ष प्रस्तुत किया। विधानसभा परिसर आगमन पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह और नेता प्रतिपक्ष डॉ चरण दास महंत ने राज्यपाल की अगवानी की। सदन की कार्यवाही के दौरान अविभाजित मध्य प्रदेश विधानसभा के पूर्व सदस्य दीनदयाल सिंह पोर्ते के निधन पर शोक भी व्यक्त किया गया।
राज्यपाल ने अपने संबोधन में कहा कि प्रशासन का मुख्य लक्ष्य अंतिम कतार में मौजूद व्यक्ति का सामाजिक और आर्थिक उत्थान करना है। उन्होंने उल्लेख किया कि समावेशी विकास की कड़ी में मातृशक्ति की भागीदारी बढ़ाने के लिए वर्तमान वर्ष को महतारी गौरव वर्ष के रूप में चिन्हित किया गया है। साथ ही वर्ष 2047 तक राज्य को पूर्ण विकसित बनाने के संकल्प को दोहराया गया।
कृषि क्षेत्र के संदर्भ में प्रस्तुत विवरण के अनुसार, चालू सत्र के दौरान 25 लाख 24 हजार कृषकों से समर्थन मूल्य के तहत 141.04 लाख मीट्रिक टन धान उपार्जित किया गया। इसके एवज में किसानों को 33 हजार 431 करोड़ रुपये का सीधा भुगतान किया गया है। इसके साथ ही शासन ने कृषक उन्नति योजना के तहत होली के पूर्व 10 हजार 292 करोड़ रुपये की राशि जारी करने का निर्णय लिया है।
अभिभाषण में यह भी जानकारी दी गई कि प्रदेश के 24 लाख 72 हजार पंजीकृत किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के माध्यम से लाभ पहुंचाया जा रहा है। इसके अलावा दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के तहत 5 लाख से अधिक पात्र भूमिहीन कृषि श्रमिकों को प्रतिवर्ष 10 हजार रुपये की वित्तीय सहायता दी जा रही है।
सदन की तय कार्यसूची के अनुसार, वित्त मंत्री ओपी चौधरी 24 फरवरी को दोपहर 12:30 बजे वित्तीय वर्ष 2026-27 का वार्षिक आय-व्ययक प्रस्तुत करेंगे। इसके उपरांत 26 और 27 फरवरी को बजट पर सामान्य परिचर्चा आयोजित होगी। विभिन्न विभागों की अनुदान मांगों पर 9 से 17 मार्च तक सदन में विचार किया जाएगा। विधायी प्रक्रिया के अंतर्गत 17 मार्च को विनियोग विधेयक सदन में लाया जाएगा, जिस पर 18 मार्च को चर्चा और पारण का कार्य संपन्न होगा।