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छत्तीसगढ़ विधानसभा में 1.72 लाख करोड़ रुपये का बजट प्रस्तुत, आदिवासी अंचलों और स्वास्थ्य ढांचे पर ज़ोर

प्रतीकात्मक तस्वीर · फ़ोटो: VishuN / Wikimedia Commons, CC BY-SA 4.0

छत्तीसगढ़ विधानसभा में वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने 24 फरवरी को वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 1.72 लाख करोड़ रुपये का वार्षिक बजट प्रस्तुत किया। राज्य बनने के समय के पाँच हज़ार करोड़ रुपये के वित्तीय आकार के मुकाबले यह बजट अब 35 गुना बढ़ चुका है। शासन के अनुसार यह बजट ‘संकल्प’ विषय वस्तु पर केंद्रित है, जिसका उद्देश्य प्रशासनिक प्राथमिकताओं, तकनीक, स्वास्थ्य और अधोसंरचना को गति देना है।

बजट में आदिवासी बहुल बस्तर और सरगुजा संभागों के लिए विशेष आवंटन किए गए हैं। बस्तर ओलंपिक की तर्ज़ पर अब सरगुजा ओलंपिक का भी आयोजन होगा, जिसके लिए दोनों आयोजनों हेतु पाँच-पाँच करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। अबूझमाड़ और जगरगुंडा में दो नए एजुकेशन सिटी के निर्माण के लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है। बस्तर एवं सरगुजा-जशपुर विकास प्राधिकरण को 75 करोड़ रुपये और धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान को 200 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त, बैगा एवं पुजारियों को प्रोत्साहन राशि देने हेतु तीन करोड़ रुपये रखे गए हैं।

स्थानीय सुरक्षा और तकनीकी कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने के लिए 1,500 बस्तर फाइटर्स पदों के सृजन का निर्णय लिया गया है, जबकि बस्तर नेट परियोजना के लिए पाँच करोड़ रुपये स्वीकृत हुए हैं। बस्तर और सरगुजा संभागों में पशुपालन गतिविधियों के लिए 15 करोड़ रुपये तथा अतिरिक्त पोषण सहायता कार्यक्रम के लिए भी 15 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। मैनपाट के पर्यटन विकास हेतु पाँच करोड़ रुपये का प्रबंध किया गया है।

शासन ने विकास कार्यों को गति देने के लिए पाँच विशिष्ट मिशनों पर ध्यान केंद्रित किया है। इनमें मुख्यमंत्री एआई मिशन, मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन, मुख्यमंत्री पर्यटन विकास मिशन, मुख्यमंत्री अधोसंरचना मिशन, और मुख्यमंत्री स्टार्टअप एवं एनआईपीयूएन मिशन शामिल हैं।

चिकित्सा ढांचे के विस्तार के तहत दंतेवाड़ा, मनेंद्रगढ़, कबीरधाम, जांजगीर-चांपा और कुनकुरी में नए मेडिकल कॉलेज शुरू होंगे, जबकि रायपुर में एक होम्योपैथी कॉलेज की स्थापना की जाएगी। आयुष्मान योजना के संचालन के लिए 1,500 करोड़ रुपये रखे गए हैं। मेकाहारा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के इस्तेमाल के लिए दस करोड़ रुपये और एडवांस कार्डियक इंस्टीट्यूट हेतु दस करोड़ रुपये का प्रावधान है। बस्तर, सरगुजा और दंतेवाड़ा के मेडिकल कॉलेजों के संचालन हेतु 50 करोड़ रुपये तथा मेडिकल कॉलेज इंटर्न हॉस्टल के निर्माण के लिए 35 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं।

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