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छत्तीसगढ़: संवाद के प्रिंटिंग प्रभारी सब्यसाची कर बर्खास्त, पुस्तक मुद्रण में गड़बड़ी पर बिलों से 3.5 करोड़ कटे

प्रतीकात्मक तस्वीर · फ़ोटो: Abhi91m / Wikimedia Commons, CC BY-SA 4.0

छत्तीसगढ़ जनसंपर्क विभाग के अधीन कार्यरत संस्था ‘संवाद’ में लगभग ढाई दशकों से पदस्थ प्रिंटिंग प्रभारी सब्यसाची कर को सेवा से हटा दिया गया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को मिली शिकायतों के बाद दिए गए निर्देशों के तहत यह प्रशासनिक कदम उठाया गया। इस मामले में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह और जनसंपर्क सचिव रोहित यादव के मार्गदर्शन में जनसंपर्क आयुक्त तथा संवाद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी रजत बंसल ने कड़ा रुख अपनाया। विभागीय पड़ताल में यह तथ्य सामने आया कि वर्ष 2011 में ही एक जांच समिति ने सब्यसाची कर की पदस्थापना को नियमों के विपरीत करार दिया था, परंतु उस समय यह प्रकरण ठंडे बस्ते में डाल दिया गया था।

कार्रवाई के दौरान प्रचार विज्ञापनों से जुड़ी मनमानी पर भी रोक लगाई गई है। निजी प्रचार एजेंसियां निर्धारित समयावधि समाप्त होने से पहले ही शासकीय विज्ञापनों को हटाकर व्यावसायिक प्रचार सामग्री लगा देती थीं और शासन से पूरा भुगतान प्राप्त कर लेती थीं। इस व्यवस्था को अब समाप्त कर दिया गया है।

मामले में मुख्य गड़बड़ी समग्र शिक्षा विभाग की पाठ्यपुस्तकों के मुद्रण कार्य में उजागर हुई। संवाद ने 6 फरवरी 2026 को 10 मुद्रकों को 33.74 करोड़ रुपये का कार्य आबंटित किया था। इनमें से 8 मुद्रकों ने पुस्तकों का आकार छोटा कर दिया, कम जीएसएम के हल्के कागज का इस्तेमाल किया और निर्धारित संख्या से कम प्रतियां छापीं। जानकारों के अनुसार इस हेराफेरी से सरकारी कोष को लगभग 10 करोड़ रुपये की क्षति होने का अनुमान है।

अनियमितताओं को पकड़ने के लिए सीईओ रजत बंसल ने जिलों में आपूर्ति ले जा रहे परिवहन वाहनों से मार्ग में गोपनीय नमूने संकलित करवाए। नमूनों की जांच में 8 मुद्रकों की गड़बड़ी प्रमाणित पाई गई। इसके उपरांत दोषी प्रिंटरों के देयकों से सीधे साढ़े तीन करोड़ रुपये की कटौती कर ली गई। अगले टेंडर पर अनुचित प्रभाव डालने के लिए मुद्रकों द्वारा एक होटल में कार्यालय खोलने और आपसी विवाद की जानकारी मिलने पर शासन ने नया निविदा आदेश भी निरस्त कर दिया। इसके साथ ही दायित्वों के निर्वहन में ढिलाई बरतने पर जनसंपर्क आयुक्त ने तीन जिलों के जनसंपर्क अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस भेजकर जवाब मांगा है।

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