जल जीवन मिशन: 4,710 करोड़ के बावजूद आठ लाख ग्रामीण परिवार पाइप जलापूर्ति से वंचित

छत्तीसगढ़ में जल जीवन मिशन के तहत 4,710 करोड़ रुपये होने के बावजूद राज्य के आठ लाख ग्रामीण परिवार अब तक पाइप से स्वच्छ पेयजल से वंचित हैं। नईदुनिया की रिपोर्ट के अनुसार आम आदमी पार्टी ने इन आंकड़ों को सामने रखते हुए जल जीवन मिशन के क्रियान्वयन पर सवाल उठाए हैं।
यह सवाल ऐसे समय में और प्रासंगिक हो जाते हैं जब राज्य में मानसून की गति धीमी बनी हुई है। नईदुनिया के अनुसार छत्तीसगढ़ में अब तक सामान्य से 21 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है। अगले पांच दिनों में बारिश की संभावना से इस कमी की कुछ भरपाई होने की उम्मीद जताई जा रही है। पाइप जलापूर्ति योजना की अधूरी स्थिति और मानसून में देरी — दोनों मिलकर ग्रामीण क्षेत्रों में जल संकट को और कठिन बना सकते हैं।
इसी बीच रायपुर में आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (ईओडब्ल्यू) ने 52 करोड़ रुपये की कोल लेवी से जुड़े मामले में रामगोपाल अग्रवाल से पूछताछ जारी रखी। नईदुनिया के अनुसार यह पूछताछ उक्त धनराशि के हिसाब-किताब को केंद्र में रखकर की जा रही है।
नक्सल प्रभावित क्षेत्रों से एक और घटनाक्रम सामने आया है। नईदुनिया के अनुसार शासन ने नक्सल मुक्त घोषित 50 गांवों में विकास कार्यों के लिए प्रत्येक गांव को एक-एक करोड़ रुपये देने का एलान किया है। अधिकारियों के अनुसार इस राशि से संबंधित गांवों में बुनियादी सुविधाएं विकसित की जाएंगी — यह दावा सरकार की ओर से किया गया है और इसकी स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
जल जीवन मिशन पर उठे सवाल राज्य में सरकारी योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन और पारदर्शिता को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ला रहे हैं। इतनी बड़ी राशि की उपलब्धता के बाद भी लाखों परिवारों तक योजना का लाभ न पहुंचना विपक्ष के लिए एक ठोस राजनीतिक मुद्दा बनता जा रहा है और सरकार पर जवाबदेही का दबाव बढ़ रहा है।