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जशपुर में 501 राशन दुकानों से 2.69 लाख परिवारों को खाद्यान्न आपूर्ति

प्रतीकात्मक तस्वीर · फ़ोटो: Prabhat1729 / Wikimedia Commons, CC BY-SA 4.0

जशपुर ज़िले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत संचालित 501 उचित मूल्य दुकानों के ज़रिए 2 लाख 69 हज़ार 20 राशनकार्डधारी परिवारों को नियमित अनाज उपलब्ध कराया जा रहा है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार, पंजीकृत कार्डधारियों में 2 लाख 52 हज़ार 419 परिवार गरीबी रेखा से नीचे यानी बीपीएल वर्ग में आते हैं, जबकि 16 हज़ार 601 परिवार एपीएल श्रेणी में दर्ज हैं।

जनसंपर्क विभाग की जानकारी के मुताबिक, ज़िले के सभी 501 शासकीय वितरण केंद्रों को इलेक्ट्रॉनिक पॉइंट ऑफ़ सेल (ई-पॉस) मशीनों से लैस किया गया है। खाद्यान्न जारी करने से पहले राशनकार्ड से जुड़े सदस्यों का बायोमेट्रिक सत्यापन अनिवार्य किया गया है। प्रशासन का कहना है कि इस डिजिटल प्रक्रिया से वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता बनी रहती है और योग्य लाभार्थियों को तय मात्रा में राशन मिलना संभव हुआ है।

पहाड़ी और दूरस्थ वनांचल बस्तियों की भौगोलिक परिस्थितियों के मद्देनज़र दुकानों का ढांचा इस तरह तैयार किया गया है जिससे ग्रामीणों को सामग्री लेने लंबी दूरी तय न करनी पड़े। परिवार का मुखिया अथवा कार्ड में नामांकित कोई भी सदस्य सत्यापन की प्रक्रिया पूरी कर निर्धारित अनाज प्राप्त कर सकता है। विभाग द्वारा नियमित खाद्यान्न वितरण के साथ-साथ समर्थन मूल्य पर धान और मक्का उपार्जन से जुड़ी प्रारंभिक तैयारियां भी पूरी की जा रही हैं।

इसके अलावा ज़िले में सेवा संकल्प अभियान 2026 के तहत महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा ‘आंगन मिलन सेवा’ का आयोजन 25 सितंबर से 6 अक्टूबर 2026 तक किया जा रहा है। इस कार्यक्रम के दौरान 53 क्लस्टर के 212 आंगनबाड़ी केंद्रों में ‘मेरी आंगनबाड़ी, मेरी जिम्मेदारी’ विषय पर जागरूकता गतिविधियां चलाई गईं। इसमें महतारी वंदन योजना तथा प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना से प्राप्त आर्थिक सहायता को पोषण पर व्यय करने वाली माताओं को ‘पोषण शक्ति सम्मान’ देकर प्रोत्साहित किया जा रहा है।

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