धरसींवा क्षेत्र के नगर पंचायत कूंरा का नाम फिर कुंवरगढ़ करने के प्रस्ताव को कैबिनेट की मंज़ूरी
छत्तीसगढ़ मंत्रिमंडल की बैठक में धरसींवा विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले नगर पंचायत कूंरा के नामकरण में बदलाव को स्वीकृति दे दी गई है। राज्य सरकार ने इस नगरीय निकाय का नाम बदलकर पुनः इसका प्राचीन नाम कुंवरगढ़ रखने के प्रस्ताव को आधिकारिक तौर पर पारित किया। इस प्रशासनिक कदम के ज़रिए इलाके की पुरानी पहचान को पुनर्जीवित करने का प्रयास किया गया है।
इतिहासकारों और क्षेत्रीय संदर्भों के अनुसार राज्य की पारंपरिक प्रशासनिक संरचना छत्तीस गढ़ों पर आधारित थी। इन छत्तीस गढ़ों की सूची में कुंवरगढ़ का उल्लेख एक विशिष्ट गढ़ के रूप में मिलता रहा है। कालांतर में बोलचाल और कागज़ी अभिलेखों में नाम बदलने के कारण इस प्राचीन स्थल की मूल पहचान अस्पष्ट हो रही थी। सरकार के इस कदम के बाद अब आधिकारिक अभिलेखों में इस नगरीय निकाय को अपनी पुरानी पहचान वापस मिलेगी।
धरसींवा के क्षेत्रीय विधायक अनुज शर्मा ने शासन स्तर पर इस नगरीय निकाय का नाम बदलने की मांग उठाई थी। विधायक ने रेखांकित किया था कि नगर का मूल और ऐतिहासिक नाम कुंवरगढ़ ही रहा है। उन्होंने कैबिनेट की स्वीकृति मिलने के बाद कहा कि यह निर्णय प्रदेश के इतिहास, संस्कृति और अस्मिता के लिहाज़ से एक गौरवशाली अवसर है। इस पहल के पूरा होने से स्थानीय स्तर पर दस्तावेज़ी संशोधन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
मंत्रिमंडल के फैसले की सूचना मिलने के उपरांत कूंरा और धरसींवा क्षेत्र में स्थानीय नागरिकों ने प्रसन्नता व्यक्त की। लोगों ने एक-दूसरे को गुलाल लगाकर, पटाखे फोड़कर तथा मिठाइयां वितरित करके सरकार के निर्णय का स्वागत किया। स्थानीय रहवासियों का कहना है कि पुरानी पहचान बहाल होने से क्षेत्र की नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत और ऐतिहासिक जड़ों की सही जानकारी मिल सकेगी। शासन स्तर से आदेश जारी होने के बाद सभी औपचारिक पत्राचार में नया नाम दर्ज किया जाएगा।