शासन-प्रशासनबस्तर

बस्तर: 210 माओवादियों ने किया सामूहिक आत्मसमर्पण, 153 आधुनिक हथियार सौंपे

प्रतीकात्मक तस्वीर · फ़ोटो: Dvellakat / Wikimedia Commons, CC BY-SA 4.0

छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग स्थित जगदलपुर में 210 नक्सलियों ने औपचारिक रूप से सशस्त्र संघर्ष त्यागकर मुख्यधारा में शामिल होने की घोषणा की है। पुलिस लाइन मैदान में आयोजित कार्यक्रम के दौरान इन सदस्यों ने शासन एवं पुलिस अधिकारियों की उपस्थिति में हथियार डाले। पुलिस अधिकारियों के अनुसार नक्सल विरोधी अभियानों के क्रम में यह अब तक का सबसे बड़ा सामूहिक आत्मसमर्पण है।

समर्पण करने वाले कैडर में कई शीर्ष माओवादी पदाधिकारी सम्मिलित हैं। पुलिस विवरण के अनुसार इनमें केंद्रीय समिति सदस्य वासुदेव राव उर्फ रूपेश उर्फ सतीश के अतिरिक्त दंडकारण्य विशेष क्षेत्रीय समिति के सदस्य भास्कर उर्फ राजमन मंडावी, रनिता, राजू सलाम तथा धन्नू वेट्टी उर्फ संतू शामिल हैं। इसके साथ ही क्षेत्रीय समिति सदस्य रतन एलम, 20 से अधिक डिवीजनल कमेटी सदस्य और 30 से अधिक एरिया कमेटी सदस्यों ने भी मुख्यधारा का रुख किया है।

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार आत्मसमर्पित माओवादियों द्वारा कुल 153 हथियार जमा कराए गए हैं। इन शस्त्रों में 19 एके-47 राइफलें, 17 सेल्फ-लोडिंग राइफलें, 23 इंसास राइफलें, एक इंसास लाइट मशीन गन, 36 थ्री नॉट थ्री राइफलें, चार कार्बाइन, 11 बैरल ग्रेनेड लॉन्चर, 41 बोर एवं सिंगल शॉट बंदूकें और एक पिस्टल शामिल हैं।

बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी के अनुसार पूना मारगेम अभियान के तहत बस्तर संभाग के सभी सात जिलों में स्थानीय हल्बी और गोंडी बोलियों में प्रचार सामग्री प्रसारित कर पुनर्वास नीतियों की जानकारी साझा की गई थी। इसी प्रक्रिया के तहत माड़ डिवीजन से जुड़े सदस्य अबूझमाड़ के जंगलों से निकलकर इंद्रावती नदी को मोटरबोट द्वारा पार करते हुए चार बसों के माध्यम से जगदलपुर जिला मुख्यालय पहुंचे थे।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, उप मुख्यमंत्री अरुण साव सहित पुलिस महानिदेशक अरुणदेव गौतम और सुरक्षा बलों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में मांझी चालकी समाज के प्रतिनिधियों एवं पुजारियों द्वारा मुख्यधारा में लौटने वाले व्यक्तियों को संविधान की प्रति और लाल गुलाब भेंट कर स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री ने इस निर्णय की सराहना करते हुए इसे क्षेत्र में शांति स्थापना की दिशा में महत्वपूर्ण बताया।

स्रोत