बस्तर: ज्ञानगुड़ी के चार विद्यार्थियों को पहले ही चरण में मिली मेडिकल सीट

बस्तर संभाग स्थित सरकारी निशुल्क कोचिंग केंद्र ज्ञानगुड़ी के विद्यार्थियों ने मेडिकल एवं कृषि की प्रवेश परीक्षाओं में सफलता दर्ज की है। जनसंपर्क विभाग की सूचना के अनुसार, एमबीबीएस की प्रथम चरण की काउंसलिंग में यहाँ के चार छात्रों ने शासकीय मेडिकल कॉलेज में अपनी जगह बनाई है। इसके साथ ही कृषि प्रवेश परीक्षा में भी इस केंद्र के अभ्यर्थियों ने शीर्ष रैंक हासिल करते हुए इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय सहित अन्य संस्थानों में सीटें हासिल की हैं।
अबूझमाड़ जैसे कठिन भौगोलिक पृष्ठभूमि वाले क्षेत्रों के बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराने के लिए यह केंद्र बिना कोई शुल्क लिए शिक्षण सहायता प्रदान करता है। यहाँ अध्ययनरत विद्यार्थियों से किसी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाता। केंद्र का मुख्य जोर राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी कराने पर रहता है।
संस्थान के प्रभारी अलेक्जेंडर एम. चेरियन के अनुसार, प्रत्येक विद्यार्थी के भीतर योग्यता मौजूद होती है और उसे केवल सही अवसर तथा मार्गदर्शन की दरकार रहती है। इस केंद्र में अलेक्जेंडर एम. चेरियन, मनीष श्रीवास्तव, श्रीनिवास राव तथा संजीव बिस्वास जैसे शिक्षक तीन पालियों में अध्यापन की ज़िम्मेदारी संभालते हैं। नियमित कक्षा पूरी होने के उपरांत भी शिक्षक बच्चों की शंकाओं का समाधान करने के लिए उनके साथ उपस्थित रहते हैं।
पूर्व के वर्षों में बस्तर क्षेत्र से राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा नीट और संयुक्त प्रवेश परीक्षा जेईई में भाग लेने वाले अभ्यर्थियों की कुल संख्या सौ से भी कम रहा करती थी। उस दौर में स्थानीय प्रतिभागियों को परीक्षा में बैठने के लिए विशाखापट्टनम या रायपुर तक का सफर तय करना पड़ता था।
स्थानीय स्तर पर अभ्यर्थियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए अब परीक्षा केंद्रों की व्यवस्था में भी बदलाव हुआ है। पूरे छत्तीसगढ़ राज्य में बनाए गए कुल 19 नीट परीक्षा केंद्रों में से 7 केंद्र अब बस्तर संभाग के ज़िलों में स्थापित किए गए हैं। निशुल्क शिक्षण की यह सुविधा दूरस्थ क्षेत्रों के प्रतिभागियों को उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रवेश के अवसर उपलब्ध करा रही है।