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रायपुर : फिंगरप्रिंट मिलान न होने पर भी मिलेगा राशन, विभाग ने स्पष्ट किए वैकल्पिक नियम

प्रतीकात्मक तस्वीर · फ़ोटो: Rajasekhar1961 / Wikimedia Commons, CC BY-SA 4.0

सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत पात्र हितग्राहियों को बायोमेट्रिक पहचान दर्ज न होने पर भी खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाएगा। रायपुर ज़िले के खाद्य नियंत्रक ने आधिकारिक तौर पर स्पष्ट किया है कि केवल तकनीकी दिक्कतों या उंगलियों के निशान मशीन में न आने के आधार पर किसी भी कार्डधारक को उसके कोटे से अलग नहीं किया जा सकता।

खाद्य विभाग के अनुसार बायोमेट्रिक मिलान न होने पर राशन बंद होने से जुड़ी बातें पूरी तरह भ्रामक और आधी-अधूरी सूचनाओं पर टिकी हैं। नियमों में ऐसे सभी मामलों से निपटने के लिए पहले से ही वैकल्पिक प्रावधान तय किए गए हैं। खास तौर पर अधिक आयु वाले लोगों तथा ऐसे हितग्राहियों को बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण में परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसके अतिरिक्त निरंतर शारीरिक श्रम करने वाले नागरिकों की उंगलियों की रेखाएं घिसने से भी बायोमेट्रिक सत्यापन में बाधा आ सकती है। ऐसे किसी भी प्रकरण में सामग्री वितरण रोकने के बजाय निर्धारित अन्य विकल्पों को अपनाने की व्यवस्था है।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी राशन कार्डधारक का फिंगरप्रिंट सत्यापन पूरा नहीं हो पाता है, तो उसके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर भेजे जाने वाले ओटीपी के जरिए प्रमाणीकरण किया जा सकता है। इसके साथ ही हितग्राही के पास अपने परिवार के किसी अन्य सदस्य को नामांकित व्यक्ति यानी नॉमिनी बनाने की सुविधा भी मौजूद है। इस वैकल्पिक व्यवस्था के तहत अधिकृत नॉमिनी के माध्यम से राशन का उठाव किया जा सकता है।

अधिकारियों के अनुसार इस पूरी प्रणाली का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी वास्तविक और पात्र हितग्राही अपनी खाद्य सुरक्षा से वंचित न रहे। विभाग ने आम जनता से अपील की है कि वे इन नियमों की सही जानकारी रखें और किसी भी तरह की अफवाहों पर भरोसा न करें। कार्डधारक निर्धारित इन दोनों विकल्पों का उपयोग करके बिना किसी अड़चन के अपना खाद्यान्न ले सकते हैं।

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