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भिलाई में 77 एमएलडी फिल्टर प्लांट का वाल्व फटने से 20 वार्डों में पानी का संकट, टाउनशिप में बिजली गुल

प्रतीकात्मक तस्वीर · फ़ोटो: Mettle30 / Wikimedia Commons, CC BY-SA 4.0

दुर्ग ज़िले के भिलाई नगर निगम क्षेत्र में फिल्टर प्लांट की मुख्य पाइपलाइन का वाल्व फटने से करीब बीस वार्डों में जलापूर्ति व्यवस्था चरमरा गई। बुधवार शाम सतहत्तर एमएलडी फिल्टर प्लांट में आई तकनीकी खराबी के चलते गुरुवार सुबह बड़े इलाके में नलों से पानी नहीं आया। इसके अलावा टाउनशिप क्षेत्र में कंडक्टर टूटने के कारण बारह घंटे तक बिजली आपूर्ति ठप रही, जिससे शहरवासियों को एक साथ दोनों बुनियादी सुविधाओं के संकट का सामना करना पड़ा।

पेयजल की समस्या का सबसे ज़्यादा असर हाउसिंग बोर्ड, कैम्प, छावनी और खुर्सीपार के रिहायशी मोहल्लों में दर्ज किया गया। वार्ड छब्बीस के अंतर्गत आने वाले रामनगर मुक्तिधाम, परियापारा, शिवाजी चौक और चांदनी चौक की गलियों में सुबह से लोग पानी की तलाश में भटकते रहे। विभागीय अधिकारियों के अनुसार बटालियन के पास वाल्व में खराबी आने से पहले सतहत्तर एमएलडी से जुड़े नेहरू नगर, सुपेला और राधिका नगर की टंकियों को भर लिया गया था, जिससे उन क्षेत्रों में सुबह नियमित आपूर्ति हो गई। इसके विपरीत वैशाली नगर, चंद्रा मौर्या और मदर टेरेसा नगर जैसे क्षेत्रों में पाइपलाइन खाली रहने से जलापूर्ति पूरी तरह बाधित रही। वहीं छियासठ एमएलडी संयंत्र के माध्यम से रुआबांधा, रिसाली, मरोदा तथा नेवई क्षेत्र में पानी का वितरण सुचारू रूप से किया गया।

नियमों के मुताबिक नगर निगम को ग्रीष्मकाल के आगमन से पहले जनवरी और फरवरी माह में जल संयंत्रों का संधारण कार्य पूरा करना होता है। इस वर्ष यह अनिवार्य रखरखाव अप्रैल महीने में शुरू किया गया, जिसका असर व्यवस्था पर पड़ा। योजना के तहत छियासठ और सतहत्तर एमएलडी संयंत्रों की प्रयोगशालाओं के लिए क्लोरीन गैस रिफिलिंग, आवश्यक रसायन और ई-कोलिफार्म बैक्टीरिया परीक्षण उपकरणों की ख़रीद पच्चीस अप्रैल तक पूरी की जानी है।

इधर टाउनशिप क्षेत्र में भी बिजली वितरण तंत्र के संधारण में कमी सामने आई है। भिलाई इस्पात संयंत्र प्रबंधन ने समय पर रखरखाव कराने का दावा किया, लेकिन बुधवार को कंडक्टर टूटने से बारह घंटे और अगले दिन भी दो घंटे से अधिक समय तक आपूर्ति बंद रही।

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